बालोद

बालोद जिले में एक परिवार ऐसा भी…जंहा छोटे से झोपड़े में निवास करते है 25 सदस्य,प्रशासनिक लापरवाही से नही मिल पाया पक्का मकान….

बालोद जिले में एक परिवार ऐसा भी…जंहा छोटे से झोपड़े में निवास करते है 25 सदस्य,प्रशासनिक लापरवाही से नही मिल पाया पक्का मकान….

अनीश राजपूत

बालोद-कबीर क्रांति,,कच्चे घर के पक्के सपने और प्रशासन की लापरवाही कुछ ऐसी है बालोद जिले के ग्राम लाटाबोड़ में निवासरत चंद्रहास सोरी और उसके परिवार की कहानी जिले के ग्राम लाटाबोड में यह परिवार के आशियाने के लिए दर-दर भटक रहा है गांव में इनका छोटा सा झोपड़ा है जहां पर 25 लोग निवास करते हैं जब बारिश आती है तो उनका घर मानो बाढ़ आ जाता है और कीड़े मकोड़े के खतरे से रात भर जागने को मजबूर रहते हैं इतना बड़ा घर और इतने सारे लोग वह जब अपने पड़ोसियों को पक्के घरों में देखते हैं तो उनके मन में भी यह बात आती है कि काश सरकार उनके परिवार पर भी ध्यान दें लेकिन इनके लिए यह केवल एक सपना साबित हो रहा है लगभग वर्ष 2010 से वह परिवार अपना चप्पल घिस रहे हैं।चंद्रहास सोरी और उसका परिवार पंचायत की उदासीनता के चलते कच्चे घर में जीवन यापन करने को मजबूर हैं नेता और जनप्रतिनिधि केवल चुनाव में वादे करने आते हैं लेकिन वे वादे इनके लिए महज वादे ही साबित हो रहे हैं इन्हें किसी तरह का लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है अब तो वे उम्मीद भी छोड़ चुके हैं जिस झोपड़े में उनका जीवन गुजर रहा है अब वह यह मानकर चल रहे हैं कि वे अंतिम सांस भी इसी झोपड़े में ही लेंगे।बालोद जिले के इस ग्राम पंचायत के मुखिया ने बताया कि इन लोगों द्वारा हमारे पास बीते 1 साल से किसी तरह का कोई आवेदन नहीं दिया गया है अभी हमने कुछ दिनों पहले ही इनके नाम सर्वे सूची में खंगाले तो पता चला कि इनके नाम सर्वे सूची से ही गायब है ऐसे में हम उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत करा सकते हैं हमारे हाथ में तो फिलहाल कुछ नहीं है हम सब ग्रामवासी उन्हें सरकारी योजना का लाभ देना चाहते हैं लेकिन नियंतह सर्वे सूची में नाम नहीं है कि हम भी कुछ कर पाने में असमर्थ हैं।

Spread the love

Related Articles

Back to top button