कवर्धादुर्ग

ग्रामीण किसान अपने गौठान के लिए कर रहे है पैरा दान

कवर्ध्धा। जिले के लोखान, बिरनपुर, कोयलारी, कान्हाभैरा, तितरी, कोयलारझोरी, रबेली, नवागांव, बिरेन्द्रनगर, दरिया, मगरवाड़ा, दुल्लापुर, इंदौरी, मानिकचैरी, बांटीपथरा एवं मानिकपुर जैसे बहुत से ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों ने स्वेच्छा से आगे आकर नव निर्मित गौठानों के लिए अपने खेतों का पैरा चारा के लिए दान किया हैं। किसी ग्रामीण ने एक ट्रेक्टर तो किसी ने पुरे खेत का ही पैरा दान कर यह संदेश दिया की नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना से उनका कितना लगाव है। जंगल से लेकर मैदानी क्षेत्रो तक इस पुनित कार्य में ग्रामीणों के सहयोग से गौवंश एवं पर्यावरण को बहुत लाभ होगा। क्योंकि गौवंश के लिए चारे की व्यवस्था सुगम रूप से उपलब्ध होगी और खेतो में पड़े अनावश्यक पैरा जलेगा नहीं जिसके धुंए से पर्यावरण को होने वाली हानी से बचाया जा सकेगा। किसी गाँव मे महिला स्वसहायता समूह ने तो कही सरपंच तो कहीं पर ग्रामीणों ने पैरा दान कर यह सिद्ध कर दिया की सुराजी गांव योजना से उन्हें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है जो योजना के घर-घर तक पहुंचने और सफल होना सिद्ध करता है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुन्दन कुमार बताते है कि सुराजी गांव योजना के तहत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में गौठान का निर्माण कराया गया। गौठान में पशुधन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई है। साल भर चारा सुगमता से उपलब्ध हो इसके लिए सभी गौठानों के पास चारागाह भी बनाया जा रहा है। ग्रामीण अपने गौठानों से बहुत लाभान्वित है और उनका जुड़ाव भी है। सीईओ श्री कुन्दन कुमार आगे बताते है की योजना से लोगो को भली भांति परिचित करने और उसके लाभ के बारे में जानकारी देने जिले के सभी ग्राम पंचायतों में शासकीय अमलों द्वारा ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया तथा ग्रामीणों को योजना से जुड़ने का आह्व्हान किया किया गया। इसी का नतीजा है कि आज बहुत से गांव में ग्रामीण स्वम आगे आकर

पैरा दान कर रहे है। दान किये गये पैरो को गौठान एवं पंचायत के आस-पास सुरक्षित रखा जा रहा है जिसे आवश्यकतानुसार पशुधन को चारे के रूप में चरवाहा द्वारा दिया जायेगा। ग्राम बिरनपुर के कृषक श्री निलकांत पिता झुमुक ने अपने दो एकड़ रकबे का पैरा दान किया। वे कहते है की मेरी अपनी गौ माता को नवागौठान से लाभ मिलने लगा है इसलिए मैं अपने तरफ से खुशी-खुशी पैरा दान किया हूं। ग्राम कोयलारी की श्रीमती शिवबती बाई एवं अश्वनी दीदी ने एक ट्राली पैरा दान कर इस योजना में अपनी भागीदारी निभायी। ग्राम पंचायत लिमो, बिरनपुर एवं अन्य गांव के सरपंचो ने भी पैरा दान किया। महिलाओं ने आगे बढ़ते हुए स्वसहायता समूह के साथ मिलकर पैरा दान किया। ग्रामीणों का उत्साह देखकर सहज ही प्रतीत होता है की नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना से उनका जुड़ाव है जिससे वे लाभ ले रहे है। स्वेच्छा से पैरा दान करना इस योजना के सफल होने की बानगी हैं।

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