कवर्धा, । 19 नवंबर मंगलवार को प्रदेश सरकार द्वारा जिले में अति पिछड़ी जनजाति बैगा समाज के बच्चों को समाज के मुख्य धारा में जोड़ने एक अभिनव प्रयास किया है। अब बैगा बच्चें पढ़ने के साथ ही साथ वे भी बच्चों को पढ़ायेंगे। उक्त उद्बोधन प्रदेश के वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बोड़ला विकासखंड के ग्राम लूप में 50 सीटर आदिवासी बैगा आश्रम का लोकार्पण करते हुए कहा। वनमंत्री श्री अकबर ने कहा कि बैगा बालक आश्रम का लोकार्पण हो गया है, उम्मीद है इस 50 सीटर बालक आश्रम में आदिवासी बच्चे अध्ययन के साथ ही साथ बच्चों को पढ़ायेंगे और इसी आवास में रहेंगे। सरकार ने इन बच्चों के मूलभुत सुविधाओं का ध्यान रखते हुए इस आश्रम का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जिला खनिज न्यास संस्थान नियम 2015 में संशोधन करते हुए नई नीति अपनाकर जिले के अति पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के बच्चों को समाज के मुख्य धारा में जोड़ते हुए उन्हें अध्ययन के साथ बच्चों को पढ़ाई करायेंगे, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ एक निश्चित आय भी मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि आज कवर्धा में शाला संगवारी के अंतर्गत चयन कर 50 बच्चों को चयन प्रमाण पत्र वितरण किया गया। प्रदेश में निवासरत अति पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवक-युवतियों को शिक्षा और विकास के मुख्यधारा में जोड़ना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। अब बैगा आदिवसी के बच्चें शिक्षा के क्षेत्र में, अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन करेंगे। कबीरधाम जिले में राज्य सरकार की इस फैसले का सफलतापूर्व क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले के विकास के लिए खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत प्रदेश में पहली बार ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। इसके तहत जिले के वनांचल सुदूर और पहुंचविहीन ग्रामों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए बाईक एंबुलेंस का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र के हजारों लोगों को लाभ मिला है। Spread the love Post navigation तरेगांव जंगल को उपतहसील की सौगात दी वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने ग्रामीण किसान अपने गौठान के लिए कर रहे है पैरा दान