पशुओं की धूप और गर्मी से बचाव के लिए छायादार शेड का निर्माण कवर्धा, छत्तीसगढ़ सरकार की ग्रामीण अजीविका एवं संवर्धन पर आधारित महत्वाकांक्षी योजना नरवा,गरूवा,घुरूवा बाड़ी योजना के तहत कबीरधाम जिले में चार मॉडल गौठान सहित 76 ग्राम पंचायतों में गौठान का निर्माण किया जा रहा है। बरसात के मौसम में तेज बारिश आंधी एवं तूफान की वजह से बिरनपुर गौठान में पशुओं के लिए निर्मित छाया क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुंदन कुमार ने कवर्धा विकासखण्ड बिरनपुर स्थित गौठान सहित अन्य गौठानों का भी निरीक्षण किया। बारिश और तेज तूफान की वजह से जो शेड क्षतिग्रस्त हो गए थे , उन्हे तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कबीरधाम जिले की अधिकतम भूमि कन्हार मिटटी (काली मिट्टी) हैं। इसके कारण गौठानों में पशुओं के रहने पर बरसात के मौसम में कीचड़ की स्थिति बन सकती है, इसके लिए आवश्क तैयारियां भी कर लें। कवर्धा जनपद पंचायत के सीईओ श्री पन्नालाल ध्रुव ने बताया कि बिरनपुर गौठान के चारों ओर सीपीटी एवं डब्लूएटी के साथ पशुओं के विश्राम के लिए शेड का निर्माण किया गया है। पशुओं को पीने का पानी उपलब्ध कराने हेतु 6 नग पानी टंकियों का निर्माण भी किया गया है। ग्रामीणों एवं गौठान प्रबंधन समिति द्वारा अप्रैल-मई महीने में तेज धूप एवं भीषण गर्मी से बचाव के लिए तीनों चबुतरों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों (घास फुस, बांस-बल्ली इत्यादी) से अस्थायी छायादार शेड की व्यवस्था की गई। विगत 27 जून की रात्रि को काफी तेज आंधी-तूफान एवं तेज बारिश होने के कारण ग्राम बिरनपुर एवं आस-पास के क्षेत्र में निवासरत कुछ घरो के छज्जे भी उड़ गए थे। सरपंच के घर के कुछ हिस्सें का छत भी उड़ गया। साथ ही कुछ विद्युत पोल भी गिर गए थे। इसी तेज हवा में गौठान में निर्मित चबूतरे पर अस्थाई रूप से छाया के लिए बनाए गए छप्पर भी क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गये थे जिसे त्वरित कार्यवाही करते हुए चबूतरे में आवश्यक सुधार कार्य करा लिया गया हैं। गौठानों में बरसात के दिनों में किचड़ या पानी का ठहराव ना हो इसके लिए भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बजरी, मुरूम इत्यादी से भराव करते हुए गौठान में बरसात के पानी को सुगमता से बाहर निकालने का प्रबंध किया जा रहा है। सीईओ श्री कुंदन कुमार ने बताया कि कबीरधाम जिले में अधिकाशं गौठान निर्माणाधीन स्थिति में है। निर्मित किसी भी गौठान का अब तक विधिवत लोकार्पण नहीं किया गया हैं। बिरनपुर गौठान के कुछ ही स्थलों पर हल्का सा जलभराव हुआ था, लेकिन वर्षा एवं आंधी से गौठान में पशुधन को किसी भी प्रकार की कोई क्षति नहीं हुई है, उस समय सभी पशुओं अपने पालकों के घर पर थे। Spread the love Post navigation जिला भाजपा सदस्यता समिति की आवश्यक बैठक सम्पन्न निर्वतमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल अद्वितीय उनका अध्यक्षीय कार्यकाल भी अद्वितीय : सूरज यादव