वरदान साबित हो रहा गोधन न्याय योजना-,,,ऋषि कुमार शर्मा

0 अब तक 1237 क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी

0 पशुपालकों को मिले 2 लाख 47 हजार 590 रूपये

कवर्धा-कबीर क्रांति,,छत्तीसगढ़ राज्य की जनकल्याणकारी योजना गोधन न्याय योजना किसानों व पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। पशु पालक गोबर का विक्रय कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार की महत्तवपूर्ण योजना गोधन न्याय योजना से लोग अब सीधे जुड़कर उसका लाभ उठा रहे है शहर में गोधन न्याय योजनांतर्गत दो स्थानों पर गोबर खरीदी केन्द्र बनाया गया है जिनमें वार्ड क्रं. 10 स्थित समनापुर मार्ग एस.एल.आर.एम.सेंटर व ग्राम जोराताल जिला जेल के पास स्थित कंपोस्टिंग सेंटर है दोनो सेंटर में शहर के पंजीकृत पशुपालक अपना गोबर विक्रय कर रहे है पशुपालक के खातें में समय पर आॅनलाईन के माध्यम से राशि भी हस्तांतरित कर दिया जा रहा है।
पशुपालकों के आय में हुई वृद्वि-ऋषि
नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार गोधन न्याय योजना के सफल क्रियान्वयन, गोठानों के निर्माण आदि के लिए विशेष रूचि दिखा रहे हैं, जो पशुपालकों के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है। उन्होनें कहा कि सरकार की यह योजना पूरे देश में अपनी तरह की पहली योजना है, सम्पूर्ण देश में इस योजना की प्रशंसा की जा रही है। गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों से दो रूपये प्रति किलो की दर से सरकार गोबर खरीद रही है। इससे पशु पालकों को खेती, किसानी के अलावा अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। उन्होने कहा कि राज्य शासन की नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजनांतर्गत शहर में 2 गौठान बनाया जाना है जिसमें से एक पूर्ण हो गया है दूसरा गौठान बनाये जाने की प्रक्रिया अभी जारी है। गोठान में मवेशियों के लिए रखने, भोजन, पानी आदि सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। क्रय किये जाने वाले गोबर से कंडा बनाने का कार्य भी शुरू हो गया है जल्द ही निकाय द्वारा तैयार किये गये कंडे को सिख समुदाय द्वारा क्रय किये जाने हेतु सहमति प्रदान किया गया है सिख समुदाय द्वारा कंडे को हमसे क्रय कर जरूरतमंदों को निःशुल्क उपलब्ध करायेगें।
अब तक 1237 क्विंटल से ज्यादा गोबर खरीदी-सीएमओ
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश कुमार वर्मा ने बताया कि कवर्धा नगरीय क्षेत्रांतर्गत 2 गौठान का निर्माण किया जाना है जिसमें से एक गौठान तैयार हो चुका है जहां मवेशियों को रखा जा रहा है इसी तरह शहर के पशुपालको से गोबर खरीदी किये जाने हेतु 2 गोबर खरीदी केन्द्र बनाये गये है जहां प्रतिदिन गोबर खरीदी किया जा रहा है उन्होनें बताया कि शहर में 29 पशुपालक अपना पंजीयन निकाय में कराये है जिनके द्वारा केन्द्र में प्रतिदिन गोबर विक्रय किया जा रहा है पशुपालकों द्वारा अब तक 1237.95 क्विंटल गोबर का विक्रय कर 2 लाख 47 हजार 590 रूपये का लाभ अर्जित किया जा चुका है । उन्होनें बताया कि अब तक सबसे अधिक गोबर विक्रय करने वाले वार्ड क्रं. 22 निवासी श्री जयचंद नाहटा द्वारा 167.60 क्विंटल गोबर का विक्रय कर 33520 रूपये, दूसरे स्थान पर संतोष जायसवाल कवर्धा द्वारा 133.85 क्विंटल गोबर विक्रय 26770 रूपये एवं बलदाउ सिंह राजपूत कवर्धा द्वारा 102.54 क्विंटल गोबर विक्रय कर 20508 रूपये का लाभ अर्जित किया गया है।

गोबर बेचकर कमाया 33520 रूपये-जयचंद नाहटा
नगर पालिका में पंजीकृत मवेशी मालिकों में सबसे अधिक गोबर विक्रय करने वाले बिलासपुर रोड़ वार्ड क्रं. 22 निवासी श्री जयचंद नाहटा बताते है कि सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है उन्होनें बताया कि मेरे पास 22 गाय, भैंस है जिसके गोबर को प्रतिदिन गोबर खरीदी केन्द्र में विक्रय किया जा रहा है विक्रय के उपरांत नगर पालिका द्वारा प्रदत्त खाता बुक में प्रतिदिन विक्रय किये गये गोबर का वजन कर इंद्राज कर दिया जाता है 2-3 दिन में विक्रय किये गये गोबर की राशि भी प्राप्त हो जाती है सरकार की इस योजना का लाभ उठाते हुए अब तक 167 क्विंटल से अधिक गोबर बेचकर 33 हजार 320 रूपये का लाभ कमा लिया हूं।
वरदान बना गोधन न्याय योजना ,,ऋषि शर्मा
इस योजना से रोजगार के नए अवसर का सृजन हो रहा है। किसान जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। योजना में गोबर खरीदी के साथ-साथ हजारों ग्रामीण महिलाएं वर्मी कंपोस्ट उत्पादन का कार्य कर रही है। वर्मी कंपोस्ट की विक्रय दर आठ रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति किलो कर दी गई है। जो किसान वर्मी कंपोस्ट का उपयोग कर रहे हैं, वे जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होनें बताया कि जैविक खेती में उत्पादित होने वाले अनाज और फलों की कीमत डेढ़ से दोगुनी बढ़ जाती है। इससे पशुपालकों की आय में भी अच्छी खासी वृद्वि होगी

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