कवर्धा

, कवर्धा वन मंडल में करोड़ों का घपला,,?  RTI से डर क्यों रहा वन विभाग? आखिर किस बात को छिपाया जा रहा है? , वन विभाग के महा भ्रष्ट अधिकारियों का  जानकारी देने में उनके हाथ पांव फूल रहे हैं,,?  कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कवर्धा वन मंडल में R.D.F., N.R., I.W.C. और ग्रीन इंडिया मिशन की करोड़ों रुपये की परियोजनाओं में संभावित अनियमितताओं की जानकारी मांगने के लिए RTI लगाई गई। लेकिन जन सूचना अधिकारी ने सूचना देने के बजाय उसे रोक दिया। जब प्रथम अपील की गई, तो मुख्य वन संरक्षक, दुर्ग वृत्त ने ऐसा तर्क दिया जिसने पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि BPL प्रमाण पत्र “शिक्षण कार्य हेतु” जारी हुआ है, इसलिए RTI शुल्क में छूट नहीं मिलेगी। अब जनता पूछ रही है… ** क्या गरीब नागरिक सिर्फ पढ़ाई के समय ही गरीब होता है? ** क्या भ्रष्टाचार की जानकारी मांगते ही वह अमीर हो जाता है? ** क्या यह नियमों की आड़ लेकर सूचना छिपाने और संभावित अनियमितताओं पर पर्दा डालने की कोशिश है? यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो फिर सूचना देने से परहेज क्यों? कबीर क्रांति मांग करता है कि माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करें। जनता का अधिकार है – सूचना मिले, जवाब मिले और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हो।  कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट , अगले अंक में और महा धमाका,,? 

  • , कवर्धा वन मंडल में करोड़ों का घपला,,? 

RTI से डर क्यों रहा वन विभाग? आखिर किस बात को छिपाया जा रहा है?

, वन विभाग के महा भ्रष्ट अधिकारियों का  जानकारी देने में उनके हाथ पांव फूल रहे हैं,,? 

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

कवर्धा वन मंडल में R.D.F., N.R., I.W.C. और ग्रीन इंडिया मिशन की करोड़ों रुपये की परियोजनाओं में संभावित अनियमितताओं की जानकारी मांगने के लिए RTI लगाई गई। लेकिन जन सूचना अधिकारी ने सूचना देने के बजाय उसे रोक दिया।

जब प्रथम अपील की गई, तो मुख्य वन संरक्षक, दुर्ग वृत्त ने ऐसा तर्क दिया जिसने पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि BPL प्रमाण पत्र “शिक्षण कार्य हेतु” जारी हुआ है, इसलिए RTI शुल्क में छूट नहीं मिलेगी।

अब जनता पूछ रही है…

** क्या गरीब नागरिक सिर्फ पढ़ाई के समय ही गरीब होता है?

** क्या भ्रष्टाचार की जानकारी मांगते ही वह अमीर हो जाता है?

** क्या यह नियमों की आड़ लेकर सूचना छिपाने और संभावित अनियमितताओं पर पर्दा डालने की कोशिश है?

यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो फिर सूचना देने से परहेज क्यों?

कबीर क्रांति मांग करता है कि माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करें।

जनता का अधिकार है – सूचना मिले, जवाब मिले और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हो।

 कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

, अगले अंक में और महा धमाका,,? 

 

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