
छत्तीसगढ़ के परम्परा और संस्कृति में मुख्य स्थान है हरेली त्योहार – नीलू चंद्रवंशी
कवर्धा:-डी एन योगी
कवर्धा,,,,,ग्राम चीमागोंदी के गौठान में विकासखण्ड स्तरिय हरेली त्योहार कार्यक्रम में मुख्य आतिथि जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री *नीलू चंद्रवंशी* जी, महामंत्री मो. *कलीम खान* जी कबिरधाम जीला के *कलेक्टर* श्री *रमेश शर्मा* जी, जिला पंचायत श्री *विजय दयाराम* जी, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीमति *गंगोत्री योगी* जी योग आयोग के सदस्य श्री *गणेश योगी* जी, जनपद पंचायत कवर्धा के ceo *श्री पन्ना लाल धुर्व* जी, nsui के जिला अध्यक्ष श्री *विकास केसरी* ,
घोठिया के सरपंच श्री अरुण जोशी जी, तालपुर के सरपंच श्री परमेश्वर धृतलहरे जी यशवंत मरकाम जी, रामु साहू जी समस्त कर्मचारी गण, चिमगोंदी के भारी संख्या उपस्थित महिलाओं की उपस्तिथि में हरेली त्योहार मनया गया साथ ही महिलाओं का फुगड़ी प्रतियोगिता, कुर्सी दौड़ गेड़ी दौड़ और जलेबी एवं चम्मच दौड़ का प्रतियोगित सम्पन्न हुआ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले महिलाओं को अतिथियों एवं ग्राम पंचायत द्वारा 500 नगद एवं टिफिन से परिष्कृत किया गया साथ ही सुवा नाच एवं जस गीत का भी प्रस्तुति दी गई तत्पश्चात गौठान में जाकर मुख्य आतिथि श्री नीलू चंद्रवंशी, कलेक्टर श्री रमेश शर्मा , जिला पंचायत सीईओ श्री विजय दयाराम जी मो. कलीम खान जी एवं समस्त अतिथियों द्वारा गायों को लोंदी खिलाया गया और वृक्षारोपण किया गया।
हरेली त्योहार कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि नीलू चंद्रवंशी ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी एवं केबिनेट मंत्री माननीय मोहम्मद अकबर जी के मंशा अनुरूप गांव-गांव में हरेली का पर्व बड़े उत्साह और उमंग से मनाया व पूजा अर्चना की जाती है। पारंपरिक तरीके से लोग गेड़ी चढ़कर हरेली की खुशियां मनाते हैं। प्राचीन मान्यता अनुसार सुरक्षा के लिए घरों के बाहर नीम की पत्तियां लगाई जाती हैं। छत्तीसगढ़ की इस गौरवशाली संस्कृति और परम्परा को सहेजने के लिए राज्य सरकार ने हरेली त्यौहार के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने पिछले साल हरेली के त्यौहार पर प्रदेशवासियों के लिए देश की अपनी तरह की पहली अनूठी योजना ‘गोधन न्याय योजना’ का शुभारंभ किया है। योजना के तहत सरकार ने किसानों और पशुपालकों से दो रुपए किलो की दर से गोबर खरीदी कर ग्रामीणों के लिए आय का एक नया जरिया तैयार किया है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में महिला समूह वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर रहे हैं, जिसका उपयोग खेतों और बाड़ियों की उर्वरता बढ़ाने में किया जा रहा है। इस योजना ने न केवल किसानों, पशुपालकों, महिलाओं की आय बढ़ाई बल्कि इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। इससे पशुधन के संरक्षण, संवर्धन और तरक्की की राह भी खुली है।




