कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिए डी.एन. योगी की दमदार रिपोर्ट कबीर क्रांति की खबर का बड़ा असर! अवैध सागौन तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 18 नग लट्ठे, छोटा हाथी वाहन और आरी जप्त

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देखिए डी.एन. योगी की दमदार रिपोर्ट
कबीर क्रांति की खबर का बड़ा असर!
अवैध सागौन तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 18 नग लट्ठे, छोटा हाथी वाहन और आरी जप्त
कवर्धा/पंडरिया। कबीर क्रांति द्वारा अवैध सागौन कटाई और तस्करी का मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद वन विभाग हरकत में आया है। वन परिक्षेत्र पंडरिया पश्चिम के कक्ष क्रमांक 441 में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 नग सागौन के लट्ठे, एक छोटा हाथी वाहन और 3 आरी जप्त की हैं।
गौरतलब है कि सप्ताह भर पहले कबीर क्रांति ने खुलासा किया था कि कुई क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 441 में 50 से अधिक सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने सर्च और पेट्रोलिंग अभियान तेज किया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
वन विभाग की टीम ने जंगल के भीतर खड़े छोटा हाथी वाहन क्रमांक CG 10 CB 2027 को अपने कब्जे में लिया। वाहन मालिक हेमराज यादव, निवासी पेंड्रीकला, लोरमी जिला मुंगेली बताया जा रहा है। जांच के दौरान वाहन से 18 नग सागौन के लट्ठे बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि तस्कर जंगल से सागौन के कीमती पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को गांव ले जाने की तैयारी में थे। मौके से कटाई में उपयोग होने वाली 3 नग आरी भी बरामद की गई हैं।
एक गिरफ्तार, 10 साथी फरार
कार्रवाई के दौरान वाहन मालिक को पकड़ लिया गया, जबकि उसके साथ मौजूद लगभग 10 अन्य साथी मौके से फरार हो गए। वन विभाग फरार आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ है।
डिप्टी रेंजर राम सिंह दीक्षित की रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में वन परिक्षेत्र पश्चिम पंडरिया के डिप्टी रेंजर राम सिंह दीक्षित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सक्रियता और सर्च अभियान के चलते तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
बड़ा सवाल—50 से अधिक पेड़ कटे, जिम्मेदार कौन?
हालांकि इस कार्रवाई से वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि जब कक्ष क्रमांक 441 में 50 से अधिक सागौन के पेड़ों की कटाई हुई, तब जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी? क्या इस पूरे खेल के पीछे कोई बड़ा तस्कर गिरोह सक्रिय है? फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।
कबीर क्रांति लगातार जंगलों की सुरक्षा, वन संपदा की रक्षा और अवैध तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेगा।
जंगल बचेंगे तो भविष्य बचेगा, तस्करों पर कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।”


