कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिए डी.एन. योगी की रिपोर्ट** कबीर क्रांति की खबर का असर** उल्लेखनीय है कि कबीर क्रांति समाचार पत्र ने लगभग एक सप्ताह पूर्व इसी कक्ष क्रमांक से जुड़े संदिग्ध गतिविधियों और तस्करी की आशंकाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। लगातार खबरों के प्रकाशन के बाद विभाग हरकत में आया और कार्रवाई शुरू हुई** पट्टा टूटते ही 21 सागौन गोलों से भरी पिकअप छोड़ भागे तस्कर!** सोशल मीडिया में फोटो वायरल होने के बाद जागा वन विभाग

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिए डी.एन. योगी की रिपोर्ट**
कबीर क्रांति की खबर का असर**
उल्लेखनीय है कि कबीर क्रांति समाचार पत्र ने लगभग एक सप्ताह पूर्व इसी कक्ष क्रमांक से जुड़े संदिग्ध गतिविधियों और तस्करी की आशंकाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। लगातार खबरों के प्रकाशन के बाद विभाग हरकत में आया और कार्रवाई शुरू हुई**
पट्टा टूटते ही 21 सागौन गोलों से भरी पिकअप छोड़ भागे तस्कर!**
सोशल मीडिया में फोटो वायरल होने के बाद जागा वन विभाग
कवर्धा/पंडरिया। पंडरिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुई एवं आसपास के जंगलों में सागौन तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। देवसरा रोड पर सागौन के 21 गोलों से भरी एक पिकअप का पट्टा टूट गया, जिसके बाद तस्कर वाहन को सड़क पर ही छोड़कर फरार हो गए।
हैरानी की बात यह रही कि वन विभाग को इस पूरे घटनाक्रम की भनक तक नहीं लगी। जब स्थानीय ग्रामीणों ने लावारिस खड़ी पिकअप की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कीं, तब जाकर वन विभाग हरकत में आया और दो वनरक्षक मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि पिकअप में रखे सागौन के 21 गोले कच्ची लकड़ी के थे तथा प्रत्येक गोले का वजन लगभग 3 क्विंटल तक बताया जा रहा है। तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए वाहन का नंबर भी मिटा दिया था। देर शाम तक लकड़ियों से भरी पिकअप सड़क पर ही खड़ी रही, जिसे वन विभाग तत्काल डिपो तक नहीं पहुंचा सका।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि कुई क्षेत्र पांडातराई वन सर्किल के अंतर्गत आता है, जहां दो वनरक्षकों की तैनाती तो है, लेकिन दोनों अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं और उनका निवास पंडरिया में है। ऐसे में जंगलों की निगरानी कमजोर पड़ रही है, जिसका फायदा लकड़ी तस्कर खुलेआम उठा रहे हैं।
डिप्टी रेंजर राम सिंह दीक्षित की भूमिका सराहनीय
इस पूरे अभियान और कार्रवाई में डिप्टी रेंजर राम सिंह दीक्षित की भूमिका महत्वपूर्ण एवं सराहनीय रही। उनके सक्रिय प्रयासों से मामले में कार्रवाई आगे बढ़ सकी।
कबीर क्रांति की खबर का असर
उल्लेखनीय है कि कबीर क्रांति समाचार पत्र ने लगभग एक सप्ताह पूर्व इसी कक्ष क्रमांक से जुड़े संदिग्ध गतिविधियों और तस्करी की आशंकाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। लगातार खबरों के प्रकाशन के बाद विभाग हरकत में आया और कार्रवाई शुरू हुई।
,,? बड़ा सवाल
जब सड़क पर 21 सागौन गोलों से भरी पिकअप पहुंच सकती है, तो जंगल से लकड़ी कटने और परिवहन की जानकारी वन विभाग को पहले क्यों नहीं मिली?
क्या तस्करों के हौसले बुलंद हैं या जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है?
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट



