कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट जल संरक्षण” या फिर सिर्फ कागजी खेल…? कवर्धा जिले में जल बचाओ अभियान के नाम पर करोड़ों रुपये बहाए जा रहे हैं, लेकिन गांवों में आज भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।सोक पिट गड्ढे, वृक्षारोपण, वाटर हार्वेस्टिंग और मनरेगा के कार्य कागजों में चमक रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है। फोटो खिंच रहे हैं… फाइलें भर रही हैं… बजट खर्च हो रहा है…लेकिन आखिर पानी कहां बच रहा है…? लोहारा क्षेत्र सहित कई जगहों पर बनाए जा रहे सोक पिट गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि काम सिर्फ रिकॉर्ड में हो रहा है, असली फायदा कहीं दिखाई नहीं दे रहा। सवाल ये है —अगर हर साल अरबों रुपये खर्च हो रहे हैं तो फिर गर्मी आते ही गांव-गांव में जल संकट क्यों खड़ा हो जाता है…? मनरेगा, वन विभाग, जल संसाधन विभाग और अन्य विभागों के कार्यों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।  जल संरक्षण सिर्फ प्रचार का विषय नहीं…यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। अब जरूरत है — जमीनी जांच की पारदर्शिता की जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की वरना “जल बचाओ अभियान” सिर्फ पोस्टर और फोटो तक सीमित रह जाएगा। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

D.N. Yogi

ByD.N. Yogi

May 24, 2026

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

जल संरक्षण” या फिर सिर्फ कागजी खेल…?

कवर्धा जिले में जल बचाओ अभियान के नाम पर करोड़ों रुपये बहाए जा रहे हैं, लेकिन गांवों में आज भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।सोक पिट गड्ढे, वृक्षारोपण, वाटर हार्वेस्टिंग और मनरेगा के कार्य कागजों में चमक रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है।

फोटो खिंच रहे हैं… फाइलें भर रही हैं… बजट खर्च हो रहा है…लेकिन आखिर पानी कहां बच रहा है…?

लोहारा क्षेत्र सहित कई जगहों पर बनाए जा रहे सोक पिट गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि काम सिर्फ रिकॉर्ड में हो रहा है, असली फायदा कहीं दिखाई नहीं दे रहा।

सवाल ये है —अगर हर साल अरबों रुपये खर्च हो रहे हैं तो फिर गर्मी आते ही गांव-गांव में जल संकट क्यों खड़ा हो जाता है…?

मनरेगा, वन विभाग, जल संसाधन विभाग और अन्य विभागों के कार्यों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

 जल संरक्षण सिर्फ प्रचार का विषय नहीं…यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।

अब जरूरत है — जमीनी जांच की पारदर्शिता की जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की

वरना “जल बचाओ अभियान” सिर्फ पोस्टर और फोटो तक सीमित रह जाएगा।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

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