कागजों में खरीदी, गोदाम खाली! कबीरधाम में हजारों क्विंटल धान गायब**

3100 रुपए धान खरीदी योजना में बड़ा खेल? उपार्जन केंद्रों में करोड़ों का घोटाला उजागर**

सरकारी रिकॉर्ड में धान, जमीन पर सन्नाटा — किसानों की कमाई पर सिस्टम की सेंध**

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

कवर्धा कबीर क्रांति**  छत्तीसगढ़ सरकार जहां 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी को ऐतिहासिक उपलब्धि बता रही है, वहीं कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड से सामने आए आंकड़ों ने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्यप्रदेश सीमा से लगे कई उपार्जन केंद्रों में हजारों क्विंटल धान की कमी दर्ज होने से अब “कागजों में खरीदी और गोदाम खाली” होने की चर्चा तेज हो गई है।

आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक:

उसरवाही केंद्र में 2,775 क्विंटल से अधिक धान कम मिला

बम्हनी केंद्र में 2,508 क्विंटल की कमी दर्ज

रेंगाखार कला में 639 क्विंटल धान गायब

झलमला केंद्र में भी सैकड़ों क्विंटल का अंतर सामने आया

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि खरीदी वास्तविक थी तो धान आखिर गया कहां?

और यदि स्टॉक केवल कागजों में बढ़ाया गया, तो क्या यह बोगस खरीदी और करोड़ों रुपए के सरकारी भुगतान का खेल है?

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण मध्यप्रदेश से धान की एंट्री, फर्जी खरीदी, परिवहन में गड़बड़ी और रिकॉर्ड में हेराफेरी की आशंका भी अब खुलकर सामने आने लगी है। किसानों के नाम पर चल रही समर्थन मूल्य व्यवस्था में यदि इस तरह सेंध लगाई गई है तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि अन्नदाताओं के साथ सीधा विश्वासघात माना जाएगा।

अब सवाल उठ रहे हैं:

क्या उपार्जन केंद्रों का समय पर भौतिक सत्यापन हुआ?

क्या स्टॉक मिलान केवल फाइलों तक सीमित रहा?

परिवहन और गोदाम रिकॉर्ड की जांच क्यों नहीं हुई?

जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?

जानकारों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो खरीदी, भंडारण, परिवहन और भुगतान प्रक्रिया में बड़े खुलासे हो सकते हैं। ग्रामीण और किसान मांग कर रहे हैं कि: ** सभी केंद्रों का दोबारा भौतिक सत्यापन हो

** डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक भुगतान की जांच हो

**सीसीटीवी फुटेज और परिवहन चालानों की पड़ताल हो

** दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज हो

3100 रुपए की धान खरीदी किसानों के सम्मान की योजना है, लेकिन यदि उसी योजना में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है तो यह पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा सवाल बनता जा रहा है।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

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