तेंदूपत्ता कारोबार में बड़ा खेल? संग्राहकों ने लगाए अवैध वसूली और जंगल कटाई के गंभीर आरोप**

100 गड्डी पर 5 गड्डी ‘मुंशी टैक्स’!** वनवासी संग्राहकों की मेहनत पर डाका?**

तेंदू के जंगल खतरे में: मजदूरी और मुनाफे की दौड़ में कट रहे हजारों पेड़**

लघु वनोपज समितियों पर सवाल: फंड, खरीदी और पारदर्शिता को लेकर बढ़ा विवाद**

वनवासियों की रोजी पर संकट! समय से पहले बंद हुई तेंदूपत्ता खरीदी से बढ़ी नाराजगी **

 कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

** छत्तीसगढ़ का तेंदूपत्ता कारोबार अब सवालों के घेरे में!

प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े लाखों वनवासी परिवारों ने फड़ मुंशियों और व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संग्राहकों का कहना है कि 100 गड्डी पर 4 से 5 गड्डी अतिरिक्त “मुंशी टैक्स” लिया जा रहा है। विरोध करने पर पत्ते खराब बताकर खरीदी से मना करने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

** चिल्फी, बोड़ला, पंडरिया, रेंगाखार, तरेगांव और कुकदुर क्षेत्रों से आरोप है कि खरीदी लक्ष्य पूरा होने का हवाला देकर तेंदूपत्ता खरीदी समय से पहले बंद कर दी गई, जिससे हजारों आदिवासी और वनवासी परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई।

** सबसे गंभीर मामला जंगलों में कथित अंधाधुंध कटाई का बताया जा रहा है। ज्यादा पत्ता और अधिक मजदूरी के लालच में बड़े-बड़े तेंदू पेड़ों के कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पर्यावरण जानकार इसे आने वाले समय का बड़ा संकट मान रहे हैं।

** वहीं प्राथमिक लघु वनोपज समितियों को मिलने वाले लाखों रुपये के फंड, गोदाम निर्माण और वन धन केंद्रों के खर्च पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण की मांग कर रहे हैं।

**अब मांग उठ रही है कि:

** इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन आधारित खरीदी लागू हो

** समितियों का आय-व्यय सार्वजनिक किया जाए

**महालेखा परीक्षक से जांच कराई जाए

** दोषी फड़ मुंशियों और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो

सवाल बड़ा है —

क्या वनवासियों की मेहनत और जंगलों की कीमत पर तेंदूपत्ता व्यवस्था चल रही है?

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

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