कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट सड़क चौड़ीकरण या गरीब की रोजी-रोटी पर बुलडोजर? कवर्धा के राजमहल चौक निवासी मलेश राजपूत ने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। भारत माता चौक से समनापुर पुलिया तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में उनकी निजी जमीन पर बनी 3 छोटी दुकानों को हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। यही दुकानें उनके और उनके छोटे भाई के परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा हैं। मलेश राजपूत का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को आवेदन दिया था। मंत्री के निर्देश के बाद भी अब तक समाधान नहीं निकला। सबसे बड़ा सवाल जब कलेक्टर की बैठक में कहा गया था कि निजी जमीन नहीं ली जाएगी और शासकीय भूमि का उपयोग होगा, तो फिर आखिर गरीब दुकानदारों पर ही क्यों चल रहा दबाव? पीड़ित परिवार का आरोप — “अधिकारियों द्वारा लगातार दुकान खाली कराने और तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। अगर दुकानें टूटीं तो परिवार भूखे मरने की स्थिति में आ जाएगा।” अब जनता पूछ रही है — क्या विकास के नाम पर गरीबों की आजीविका उजाड़ी जाएगी? क्या प्रशासन कलेक्टर के आश्वासन को भूल चुका है? शासन-प्रशासन से मांग मलेश Rajput की दुकानों को सुरक्षित रखा जाए और परिवार की रोजी-रोटी बचाई जाए।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
सड़क चौड़ीकरण या गरीब की रोजी-रोटी पर बुलडोजर?
कवर्धा के राजमहल चौक निवासी मलेश राजपूत ने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
भारत माता चौक से समनापुर पुलिया तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में उनकी निजी जमीन पर बनी 3 छोटी दुकानों को हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। यही दुकानें उनके और उनके छोटे भाई के परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा हैं।
मलेश राजपूत का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को आवेदन दिया था। मंत्री के निर्देश के बाद भी अब तक समाधान नहीं निकला।
सबसे बड़ा सवाल
जब कलेक्टर की बैठक में कहा गया था कि निजी जमीन नहीं ली जाएगी और शासकीय भूमि का उपयोग होगा, तो फिर आखिर गरीब दुकानदारों पर ही क्यों चल रहा दबाव?
पीड़ित परिवार का आरोप —
“अधिकारियों द्वारा लगातार दुकान खाली कराने और तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। अगर दुकानें टूटीं तो परिवार भूखे मरने की स्थिति में आ जाएगा।”
अब जनता पूछ रही है —
क्या विकास के नाम पर गरीबों की आजीविका उजाड़ी जाएगी?
क्या प्रशासन कलेक्टर के आश्वासन को भूल चुका है?
शासन-प्रशासन से मांग
मलेश Rajput की दुकानों को सुरक्षित रखा जाए और परिवार की रोजी-रोटी बचाई जाए।




