कवर्धा

*कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़: सहकारिता तंत्र बना भ्रष्टाचार का अड्डा!*देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

*कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़: सहकारिता तंत्र बना भ्रष्टाचार का अड्डा!*देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

कबीरधाम जिले की सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं, बल्कि व्यवस्था बन चुका है। चाहे सरकारी बैंक हों या धान खरीदी समितियां — हर स्तर पर लूट का खुला खेल जारी है। सूत्रों के अनुसार सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग, जिला सहकारी बैंक के अधिकारी-कर्मचारी, समिति प्रबंधक और राइस मिलर्स की मजबूत मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला हर सीजन में अंजाम दिया जा रहा है।

*कस्टम मिलिंग में सबसे बड़ा खेल*

सरकार द्वारा तय कस्टम मिलिंग दर वर्तमान में जो धन राइस मिलों को चावल बनाने के लिए दिया जाता है उसे धन को राइस मिल लर कई बार सरकारी समितियां को सस्ते दामों में भेज देता है और इधर जो चावल सोसाइटी में मिलता है उन्हें चुनाव उन्हें सोसाइटियों को कैसे खरीद कर वह कस्टम बिलिंग करता है यानी प्रति क्विंटल करीब ₹800 की सीधी बंदरबांट, जिसका बोझ सरकारी खजाने पर और फायदा निजी जेबों में।

*किसानों से खुलेआम कटौती*

सरकारी नियम कहता है कि किसान से 40 किलो 700 ग्राम धान खरीदा जाए। लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि समितियों में 40 किलो 900 ग्राम, कहीं-कहीं 41 किलो तक धान तौला जा रहा है। यह अतिरिक्त धान न तो रसीद में दर्ज होता है, न ही सरकारी रिकॉर्ड में सीधे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।

*प्रबंधकों के द्वारा अपने रिश्तेदारों के नाम से फर्जी समिति के सदस्य भी बनाए जाते हैं*

जिसमें b1 B2 किसी गैर व्यक्ति के नाम में होता है लेकिन अकाउंट नंबर और नाम अपने रिश्तेदारों के नाम से खोलते हैं बारदाना, भंडारण और खर्च के नाम पर घपला सरकार द्वारा बारदाना, भंडारण, परिवहन सहित अन्य मदों में समितियों को लाखों रुपये दिए जाते हैं। सारे खर्च दिखाने के बावजूद कई समितियों में हर साल 3000 से 4000 क्विंटल धान “बच” जाता है, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹1 करोड़ से ₹1.20 करोड़ तक होती है।

*बैंक और अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में*

सूत्र बताते हैं कि जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक, समिति कर्मचारी, संबंधित विभागीय अधिकारी भी इस पूरे खेल से अछूते नहीं हैं। बिना संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं माना जा रहा। सब जानते हैं, फिर भी चुप्पी क्यों?

*मांग*

– पूरे धान खरीदी और कस्टम मिलिंग प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच
– जिम्मेदार अधिकारियों और समिति प्रबंधकों पर एफआईआर
– किसानों से की गई अवैध कटौती का मुआवजा

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कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

*सम्पर्क*

9425558295

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