कवर्धा

कबीरधाम जिले के 200 स्कूलों में विद्यार्थियों ने किया न्यौता भोजन कलेक्टर श्री महोबे, जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी श्री गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने स्कूलों में पहंचकर स्कूली विद्यार्थियों को न्यौता भोजन कराया

कबीरधाम जिले के 200 स्कूलों में विद्यार्थियों ने किया न्यौता भोजन

कलेक्टर श्री महोबे, जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी श्री गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने स्कूलों में पहंचकर स्कूली विद्यार्थियों को न्यौता भोजन कराया

कवर्धा,  कबीरधाम जिले में राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित न्यौता भोजन कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन शुरू हो गया है। जिले के विकासखंड कवर्धा, बोड़ला, पंडरिया और सहसपुर लोहारा के अंतर्गत संचालित 200 स्कूलों में न्यौता भोजन का आज शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप कुमार अग्रवाल और जिला शिक्षा अधिकारी श्री एमके गुप्ता आज कवर्धा के शंकर नगर स्थित पीएम श्री द्वारा संचालित प्राथमिक स्कूल और शासकीय श्रवण बाधित एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय ग्राम सिंघनपुरी में पहुंचकर राज्य शासन की न्यौता भोजन कार्यक्रम के तहत वहां अध्यनरत विद्यार्थियों को गरम भोजन चांवल, दाल, सब्जी, खीर, पूड़ी, सलाद, पापड़, अंकुरित चना, फल सहित अन्य स्वादिष्ट भोजन परोसा। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत शालेय अवधि में बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना भारत सरकार के साथ राज्य शासन की भी अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की गाईडलाईन में सामुदायिक आधार पर तिथि भोजन का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में इसे न्योता भोजन के नाम से लागू किया गया है। न्योता भोजन की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व आदि पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। समुदाय के सदस्य ऐसे अवसरों एवं त्यौहारों पर अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान कर सकते हैं।
न्यौता भोजन पूरी तरह स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं। न्योता भोजन शाला में दिये जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह केवल शाला में प्रदान किये जाने वाले भोजन का पूरक है। न्योता भोजन समुदाय के बीच अपने पन की भावना विकसित करने में मदद करेगा। यह प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत प्रदान किये जाने वाले भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि करने में मदद करेगा। यह शाला और स्थानीय समुदाय के मध्य आपसी तालमेल के विकास में सहायक होगा। सभी समुदाय, वर्ग के बच्चों में समानता की भावना पैदा करने में मदद करना। पूरक पोषण के माध्यम से न्योता भोजन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने में मदद करना।

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