कबीरधाम जिले में अब तक 427 किसानो ने बेचा 28.36 लाख रूपए का धान

कबीरधाम जिले में हुई अब तक 13410 क्विंटल धान की खरीदी, सोमवार को 41 उपार्जन केन्द्रों में होगी 15428 क्विंटल धान की खरीदी

धान खरीदी की तैयारियो की महत्वपूर्ण जानकारियां

धान उपार्जन केन्द्रों की संख्या 103
समिति-90 समिति
पंजीकृत किसान- एक लाख 25 हजार 391 किसान
धान का रकबा – कुल रकबा 1 लाख 19 हजार 521 हेक्टर
धान खरीदी का लक्ष्यः 4 लाख 67 हजार में टन
जिले के हर एक धान खरीदी केन्दों के लिए होगी नोडल अधिकारी

कवर्धा, । धान कटाई की रफ्तार के साथ-साथ कबीरधाम जिले के शासकीय धान खरीदी केन्द्रो में लगातार धान का आवक बढ़ने लगा है। धान खरीदी के पहले दिन एक नवम्बर को सिर्फ 19 समितियों में 45 किसानों ने धान बेचा था। वही सर्मथन मूल्य पर धान खरीदी प्रांरभ से अब तक जिले के 35 धान खरीदी केन्द्रो में 427 किसानों ने 28.36 लाख रूपए का धान बेच लिया है। सोमवार को जिले के 41 धान खरीदी केन्द्रों में 434 पंजीकृत किसानों को 15 हजार 428 क्विंटल का समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए टोकन जारी किया गया है।
कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे द्वारा राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली सबसे महत्वपूर्ण धान खरीदी योजना तक सतत रूप में मॉनिटरिंग की जा रही है। जिले के 103 सभी धान खरीदी केन्द्रो में किसानों की सुविधा और उनके समस्याओं के निदान के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं कलेक्टर के निर्देश पर कवर्धा, बोडला, पंडरिया और सहसपुर लोहारा के अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार अपने-अपने क्षेत्र के धान खरीदी कार्यों तथा जिन समितियों में धान खरीदी की शुरूआत नहीं हुई है, वहां आवश्यक तैयारियां की जा रही है। सहसपुर लोहारा एसडीएम सुश्री लेखा अजगल्ले ने सहसपुर लोहारा के कुरूवा, मोतिमपुर, सुरजपुरा, बिडोरा सहित अन्य धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री महोबे ने जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, नयाब तहसीलदार और नोडल अधिकारियों को प्रत्येक दिन उन्हे दिए गए धान खरीदी केन्द्रों के सतत निरीक्षण करने और किसानों से जुड़े सभी समस्याओं को सीधे अवगत कराने के निर्देश दिए है। उन्होने कहा कि धान खरीदी को कार्य सबसे महत्वपूर्ण कार्य हैं। इसके किसी भी तरह की लापरवाहीं को स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में 90 सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत कुल 103 धान उपर्जान केन्द्र बनाए गए है, जिसमें माध्यम से जिले के सभी पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इस वर्ष जिले में 1 लाख 25 हजार 391 किसानो ने अपना पंजीयन कराया है। उन्होने कहा कि जिले में शांति पूर्ण एवं सुचारू रूप से धान खरीदी कराने के लिए जिले के सभी 103 उर्पाजन केन्द्रों में एक-एक जिला स्तरीय नोडल नोडल अधिकारी बनाए गए है, जो अपने-अपने उर्पाजन केन्द्रों में शांति एवं सुचारू रूप से धान खरीदी कार्यों का संपादित कराएंगे। इसके अलावा किसानों को उनके धान बेचने में होने वाली सभी तकनीकि खामियों एवं तृटियों को सुधार कराने के लिए उन्हे जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। किसी भी किसानों को अनावश्यक परेशान होने की जरूरत नहीं है। जिला प्रशासन स्तर पर सभी तृटियों से सुधार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिसमें सबंधित एसडीएम, तहसीलदार और पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

Spread the love

You missed

🚩 हनुमान मंदिर में पहुंचा वानर राज, प्रसाद ग्रहण कर प्रतिमा के सामने झुका सिर; श्रद्धालुओं ने कहा—अद्भुत है यह आस्था! कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये, संपादक डी.एन. योगी की रिपोर्ट कवर्धा। वार्ड नंबर 9 स्थित कैलाश केदारनाथ मंदिर परिसर में रविवार शाम आस्था से जुड़ा एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। मंदिर परिसर में वटवृक्ष के नीचे स्थित हनुमान मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाते हैं। बताया जाता है कि एक वानर भी अक्सर यहां पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करता है। 23 अगस्त 2026 की शाम करीब 6 बजे एक महिला द्वारा हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाए जाने के दौरान वानर मंदिर के पास पहुंच गया। उसने प्रसाद ग्रहण किया और कुछ देर हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठा रहा। तस्वीरों में उसका सिर प्रतिमा की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है, जिसे श्रद्धालु हनुमान जी को प्रणाम करने जैसा भावपूर्ण दृश्य मान रहे हैं। इस पूरे दृश्य को मौके पर मौजूद डी.एन. योगी एवं संतोष नामदेव ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। देखते ही देखते यह दृश्य श्रद्धा और कौतूहल का विषय बन गया। इसी परिसर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ महिलाओं की टीम द्वारा भजन-कीर्तन भी किया जाता है। मंदिर परिसर का यह शांत और भक्तिमय वातावरण इस अनोखे दृश्य के कारण और भी विशेष बन गया।  श्रद्धालुओं की आस्था है—वानर को बजरंगबली का स्वरूप माना जाता है। वहीं तस्वीरों में कैद यह दृश्य निश्चित रूप से लोगों के लिए भावनात्मक और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 🚩 जय श्री राम… जय बजरंगबली… हर हर महादेव! 🚩  फोटो: डी.एन. योगी एवं संतोष नामदेव  संपादक — डी.एन. योगी कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़