क्लेक्टर श्री अवनीश शरण जी व सबका संदेश सम्पादक श्री अभिताब नामदेव जी दिल से धन्यवाद-मोहम्मद अली

जबलपुर मिलिट्री हॉस्पिटल में 20 फरवरी 2020 से पैर के सर्जरी कराने के लिए श्रीमती अमीना बेगम उम्र 56 साल की अपने इलाज के लिए वहां एडमिट थी। उनका बेटा मोहम्मद अली जो कि मिलिट्री में है उन्होंने एडमिट कर के आए थे। और उसके बाद उनका इलाज चलता रहा। पैर का सर्जरी किया गया। तत्पश्चात लॉक डाउन धारा 144 होने के कारण उन्हें डिस्चार्ज करने में दिक्कत हो रही थी। जबलपुर माननीय कलेक्टर महोदय से अनुमति लेकर वाहन परमिशन का पास बनाया गया दो लोगों के लिए। जिसमें उनकी माता और बेटा सम्मिलित है। उसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन से भी इसी प्रकार परमिशन लिया गया। परमिशन में जबलपुर माननीय महोदय कलेक्टर के द्वारा अट्ठारह और 19 तारीख
का डेट का पास दिया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन से भी जाने की अनुमति मिली 18 तारीख को यहां से निकले और वहां रात में पहुंचे तत्पश्चात
सुबह अपनी माता को मिलिट्री हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करा कर ठीक 5:00 बजे छत्तीसगढ़ चिल्फी बॉर्डर पहुंचे। वहां उन्हें रोका गया बॉर्डर तैनात पुलिस जवान का कहना यह था, हमे किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नही दे सकते।हमे भी ऊपर से आदेश है। फिर उन्होंने अपने परमिशन लेटर माननीय कलेक्टर महोदय को जिले के सबका संदेश न्यूज़ के संपादक अभिताब नामदेव जी को, भेजा गया उन्होंने तत्काल माननीय कलेक्टर महोदय से अनुरोध किया। और उन्होंने उनको पूरी जानकारी दी ततपश्चात कलेक्टर महोदय ने जांच करा कर चिल्फी के तैनात अधिकारी को सूचित किया। व 10:00 बजे तक अनुमति दी। कलेक्टर आदेश आने के बाद उनकी माता श्रीमती अमीना बेगम और बेटा मोहम्मद अली ने आभार व्यक्त किया।कि इस मुसीबत की घड़ी में सबका संदेश के संपादक श्री अभिताब नामदेव जी से मदद मांगने पर उन्होंने कलेक्टर महोदय माननीय अवनीश शरण जी, को इसकी पूरी जानकारी दी। और उनके कहने पर क्लेक्टर महोदय जी ने हमें जाने की अनुमति प्रदान की। हम आप दोनों का को तहे दिल से धन्यवाद देते हैं ।श्रीमती अमीना बेगम ने कहा कि हमें जितने भी चेक पोस्ट छत्तीसगढ़ में मिले नंदनी जाने तक सारे पुलिस विभाग को चेकिंग करा कर ही हम घर पहुंचे हैं ,और हमें कोई तकलीफ नहीं हुई ।इसलिए हम पुनः सपादक जी कलेक्टर महोदय जी को धन्यवाद देते हैं।

Spread the love

You missed