कवर्धादुर्ग

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई कैट की प्रदेश बैठक, व्यापारियों की समस्याओं पर हुई चर्चा, निराकरण की मांग, लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई कैट की प्रदेश बैठक, व्यापारियों की समस्याओं पर हुई चर्चा, निराकरण की मांग, लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

*कवर्धा-* कैट (कंफ्डरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हुई। इसमें कवर्धा जिले का प्रतिनिधित्व कैट कवर्धा इकाई प्रभारी एवं एजेंसी एसोसिएशन के अध्यक्ष आकाश आहूजा ने किया।
बैठक में आकाश आहूजा ने कवर्धा के फूड प्रोडक्ट के व्यापार करने वाले व्यापारियों की समस्याओं को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि फूड प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी 1 महीने से लेकर 3 महीने तक होती है, जिनका स्टॉक व्यापारियो के पास काफी मात्रा में है जैसे कि कोल्ड ड्रिंक्स एवं अन्य खाद्य पदार्थ जिनकी बिक्री लॉकडाउन के कारण नही हो पा रही है और व्यापारियों को स्टॉक खराब होने का डर सता रहा है। कुछ ऐसी भी कंपनी है जो एक्सपायरी सामानों को वापस लेने में आना कानी करती है या लंबे समय तक रोक के रखती है ऐसे में व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है । इसलिए केंद्र सरकार से मांग की गई है कि ऐसी परिस्थिति में कंपनी खराब समान को प्राथमिकता के साथ वापस ले और तत्काल उसका सेटलमेंट करे। इस हेतु एजेंसी एसोसिएशन ने एक पत्र भी भेजा है।
उन्होंने बताया कि कपड़े, पेपर एवम अन्य ऐसे सामानों के विक्रेता जिनके सामान चूहे एवम साफ सफाई के अभाव में खराब होते है उन्हें सप्ताह में एक दिन साफ सफाई की दृष्टि से कुछ समय के लिए दुकान खोलने दिया जाना चाहिए ताकि दुकान बंद के नुकसान के बाद साफ सफाई के अभाव में दुगना नुकसान ना हो। ऐसे दुकानदार जो बैंक से कर्ज लेकर व्यापार कर रहे है उनके लिए सरकार ने बैंकों से कुछ महीने के लिए ब्याज ना लेने को कहा है। इस पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि ब्याज अभी ना लेकर बाद में वसूलना किसी भी प्रकार से उचित नही है, ब्याज को पूरी तरह से माफ करना ही व्यापारियो के हित में है अन्यथा छोटे दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे। ब्याज माफ के अलावा बिजली बिल, गाड़ी के इन्सुरेंस पर भी छूट दी जानी चाहिए।
सरकार ने दुकानदारों को अपने कर्मचारियों को सेलेरी देने को कहा है। इस पर भी सरकार से मांग की गई कि कम से कम सेलेरी का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करे ताकि व्यापारियो पर बोझ ना पड़े। सरकार से गरीब तबके के व्यापारियों जैसे ठेले लगाने वाले, चाय बेचने वाले, इस तरह के सभी प्रकार के व्यापारी के लिए भी राहत पैकेज देने की बात कही है।
अंत मे कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने सभी व्यापारियों को शासन प्रशासन के दिशा निर्देश का पालन करने को कहा और व्यापारी हित मे हर संभव प्रयास करने की बात कही। मीटिंग में कैट के छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी और सभी जिलों से लगभग 50 प्रतिनिधि मीटिंग में शामिल हुए l

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