पंडरिया-कोरोना के भय से छोटे से कमरे में बीमार 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला को देखने तक नही आया बेटा और परिवार के लोग

जानकारी मिलते ही आनंद सिंह व नगरपंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव गायकवाड सहित उनकी टीम पहुँची मदद करने ,अस्वस्थ महिला को पहुचाया हॉस्पिटल व देख रेख भी किया जा रहा है

कवर्धा, कबीर क्रांति पंडरिया निवाशी 85 वर्ष की विधवा बुजुर्ग महिला केजाबाई रजभर जो एक छोटे से कमरे में अकेले जीवन जीती हैं वो अचानक तबियत बिगड़ने के कारण बेसुध कमरे में पड़ी हुई थी मोहल्ले के लोग दिनभर से उसे नही देखे तो पता चला कि वो कमरे में बेहोस अपने खाट पर पड़ी है ये खबर उसके बेटे को व परिवार को भी दी गई उसके बावजूद न परिवार ना ही मोहल्ले के लोग उसकी मदद के लिए आये बताया जा रहा है कि मोहल्ले व परिवार के सदस्यों को कोरोना का डर था ऐसे में कोई भी उस पीड़ित बुजुर्ग के पास भी नही जाना चाह रहा था, जबकि 2 घण्टे से अधिक समय तक सरकारी ऐम्बुलेंश भी आके खड़ी हुई थी उसके भी कर्मचारी कोई रिक्स नही ले रहे थे जो कि बहद शर्मनाक कार्य था, हालांकि ऐसी स्थिति में किसी को दोष देना उचित नही पर फिर भी मानवता व बुजुर्ग महिला की जान प्रमुख होती

इसी दरमियान हर बार की तरह पंडरिया नगर सहित अपने क्षेत्र में जनहित व सामाजिक कार्यो में सक्रिय आनंद सिंह व उनकी टीम तक ये बात पहुचाई गई जिसपर बिना विलम्ब किये आनंद सिंह अपने टीम के साथ बुजुर्ग महिला के घर पहुचे जहाँ पहले से ही मोहल्ले के काफी लोगो का जमावड़ा लगा हुआ था पर कोई उस महिला को हॉस्पिटल ले जाने के लिए आगे नही आ रहा था आनंद सिंह, ललित देवांगन, शिव गायकवाड, रवि चंद्रवंशी,स्यामू धुलिया, कर्रू देवांगन व मद्दा खान सहित उनकी टीम के सदस्यों ने तुरंत महिला को उठाकर एम्बुलेंस के माध्यम से हॉस्पिटल पहुँचाया जहां डॉक्टर के देखरेख में इलाज शुरू हुआ है और आनंद सिंह के शिकायत पर पंडरिया थाना प्रभारी श्री अनिल सर्मा जी ने उक्त अस्वस्थ बुजुर्ग महिला के परिवार को दबाव देकर देर रात हॉस्पिटल भेज दिया है हालांकि महिला की स्थिति अभी पहले से ठीक है परंतु कुच्छ कहना सम्भव नही

ये बात सच है कि पूरे देश सहित हमारे प्रदेश व जिले मे कोरोना के चलते लॉकडाउन और धारा 144 लगा हुआ है जिसके कारण लोग अपने घरों पर एवं जो जहां है वही रुके हुवे है शाशन, प्रशाशन लगातार लोगो से अपील भी कर रही हैं परंतु पंडरिया में घटित एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ जो हुआ वो बहोत पीड़ादायक था लोग इस घटना से दुःखी थे परंतु वही समाज सेवा में आगे रहने वाले आनंद सिंह व उनकी टीम के नेक कार्य से प्रशन्न भी है लोगो द्वारा आनंद सिंह के ऐसे कई कार्यो को सराहा है जो कि वे और उनकी टीम निरन्तर करती रहती है

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