गौठान में बने वर्मी खाद से महिला स्व.सहायता समूह को होने लगी अच्छी आमदनी कवर्धा। सुराजी गांव योजना से बने गौठानों से जुड़े समुहों और ग्रामीणों को अब उनसे लाभ मिलने लगा है। गौठान में उपलब्ध गोबर से वर्मी खाद बनाकर महिला स्व.सहायता समूह को आर्थिक लाभ मिलना शुरू हो गया है। सहसपुर लोहारा विकासखण्ड के ग्राम इरिकसा के मॉडल गौठान में जय बजरंग महिला स्व.सहायता समूह द्वारा 10 क्विंटल वर्मी खाद बनाकर जिले के हाईटेक सलिहा नर्सरी को दिया गया है, इसके लिए उघान विभाग से जय बजरंग समूह को प्रति क्विंटल 10 रूपए की मान से दस हजार रूपए का चेक समूह के अध्यक्ष और सदस्यों को दिया गया। समूह की महिलाएं अपनी मेहनत का फल पाकर बहुत प्रसन्न होते हुए कहती है कि गांव में बने नये गौठान से हमें आत्मनिर्भर होने में सहायता मिली है। समूह की सभी महिलाओं को लाभ मिलने से सुराजी गांव का संकल्प सिद्ध होता नजर आ रहा है। कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण बताते है कि नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने गौठानों के निर्माण सभी जरूरी सुविधाओं के साथ किया गया है। जिसमें पशुधन को छाया, पानी, चिकित्सा जैसी मुलभूत सुविधाएं मिल रही है। गौठान को आजीविका से जोड़ने के लिए गौठान में उपलब्ध गोबरों को वर्मी बेड में एकत्रित कर खाद बनाया जा रहा है। इस काम में गांव की महिला स्व.सहायता समूह जुड़कर कार्य कर रही है, उनके निरंतर प्रयास एवं परिश्रम का नतीजा है की गोबर से खाद बनकर बाजारों मे रियायत दर पर उपलब्ध हो रहा है। इसी तारतम्य में समूह द्वारा निर्मित खाद को उघानिकी विभाग एवं कृषि विभाग ने अपनी आवश्यकता के अनुसार क्रय किया है। जिसका भुगतान महिला स्व.सहायता समूह को प्राप्त हो रहा है। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के जानकारी देते हुए बताते है कि कलेक्टर महोदय के विशेष प्रयास का ही नतीजा है कि जिले के बहुत से नव निर्मित गौठानों में महिला स्व.सहायता समूह आत्मनिर्भर होकर आजीविका चला रही है। ग्राम इरिमकसा के जय बजरंग महिला स्व.सहायता समूह को वर्मी खाद से दस हजार रूपए तथा जय मॉं शितला स्व.सहायता समूह बिरनपूर को 9,150 रूपए वर्मी खाद बेचकर आमदनी हुई है। जिले के बचेड़ी, बिरकोना सहित अन्य गांव में वर्मी खाद के निर्माण से महिला स्व.सहायता समूह को अच्छी आमदनी हो रही है। श्री विजय दयाराम के. ने बताया कि जय मां शारदा महिला स्व.सहायता समूह, इरिमकसा ने 10 क्विंटल, जय मां लक्ष्मी महिला स्व.सहायता समूह,बचेड़ी एवं जय मां चण्डी महिला स्व.सहायता समूह बचेड़ी ने 13-13 क्विंटल वर्मी खाद बनाकर आपूर्ति की है जिसका उन्हें भुगतान विभाग द्वारा किया जा रहा है। आजीविका संवर्धन होने तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नव निर्मित गौठानें मिल का पत्थर साबित हो रही है क्योंकि ग्रामीणों को इससे सीधे लाभ हो रहा है। एक ओर जहां पशुधन की देखरेख व चराने की चिन्ता से ग्रामीण मुक्त हुए है वहीं दूसरी ओर गौठान में उपलब्ध गोबर से विभिन्न सामग्री बनाकर ग्रामीण अच्छी आमदनी कमा रहें है। जो सुराजी गांव योजना के सपनों को साकार करता दिख रहा है। Spread the love Post navigation धान खरीदी केन्द्र समनापुर के उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री अनिल कुमार मेश्राम तत्काल प्रभाव से निलंबित पालिकाध्यक्ष विकास ने पुरुष पार्षदों के साथ महिलाओं को भी वरिष्ठ पार्षदों के साथ साथ नए पार्षदों को भी दी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, सात सभापति में से तीन महिला तो चार पुरुषों को दी विभागीय जिम्मेदारी