कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिए डी एन योगी की रिपोर्ट मनरेगा में नियम ताक पर? बिना कार्यक्रम अधिकारी के सहायक प्रोग्रामर को सौंपा प्रभार, जिला पंचायत के आदेश पर उठे बड़े सवाल! कवर्धा | जिला पंचायत कबीरधाम मनरेगा के संचालन को लेकर कबीरधाम जिला पंचायत एक बार फिर विवादों में है। सामने आए आधिकारिक दस्तावेजों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ 2018 का शासन का स्पष्ट आदेश… जिसमें सहायक प्रोग्रामर की भूमिका केवल तकनीकी एवं निगरानी तक सीमित बताई गई। दूसरी तरफ 22 दिसंबर 2025 का जिला पंचायत आदेश… जिसमें सहायक प्रोग्रामर दिलीप कुमार साहू को जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा के कार्यक्रम अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। ?अब उठ रहे हैं बड़े सवाल… क्या शासन के नियमों को दरकिनार किया गया? क्या तकनीकी पद पर बैठे कर्मचारी को प्रशासनिक अधिकार देना नियमों के अनुरूप है? भुगतान, एफटीओ और वित्तीय स्वीकृतियों पर किसके आदेश से फैसले लिए गए? क्या इससे हितों के टकराव और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका नहीं बढ़ती? सूत्रों का दावा है कि मनरेगा जैसी संवेदनशील योजना में कार्यक्रम अधिकारी की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सहायक प्रोग्रामर को यह प्रभार सौंपना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। जनता पूछ रही है… क्या मनरेगा नियमों से चलेगा या जुगाड़ व्यवस्था से? क्या जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा? या फिर जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण मिलता रहेगा? अब निगाहें जिला प्रशासन पर… जवाब कब मिलेगा? नोट: यह समाचार उपलब्ध सरकारी आदेशों एवं दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। कबीर क्रांति न्यूज़ देखिए डी एन योगी की रिपोर्ट

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देखिए डी एन योगी की रिपोर्ट
मनरेगा में नियम ताक पर?
बिना कार्यक्रम अधिकारी के सहायक प्रोग्रामर को सौंपा प्रभार, जिला पंचायत के आदेश पर उठे बड़े सवाल!
कवर्धा | जिला पंचायत कबीरधाम
मनरेगा के संचालन को लेकर कबीरधाम जिला पंचायत एक बार फिर विवादों में है। सामने आए आधिकारिक दस्तावेजों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक तरफ 2018 का शासन का स्पष्ट आदेश… जिसमें सहायक प्रोग्रामर की भूमिका केवल तकनीकी एवं निगरानी तक सीमित बताई गई।
दूसरी तरफ 22 दिसंबर 2025 का जिला पंचायत आदेश… जिसमें सहायक प्रोग्रामर दिलीप कुमार साहू को जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा के कार्यक्रम अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया।
?अब उठ रहे हैं बड़े सवाल…
क्या शासन के नियमों को दरकिनार किया गया?
क्या तकनीकी पद पर बैठे कर्मचारी को प्रशासनिक अधिकार देना नियमों के अनुरूप है?
भुगतान, एफटीओ और वित्तीय स्वीकृतियों पर किसके आदेश से फैसले लिए गए?
क्या इससे हितों के टकराव और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका नहीं बढ़ती?
सूत्रों का दावा है कि मनरेगा जैसी संवेदनशील योजना में कार्यक्रम अधिकारी की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सहायक प्रोग्रामर को यह प्रभार सौंपना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।
जनता पूछ रही है…
क्या मनरेगा नियमों से चलेगा या जुगाड़ व्यवस्था से?
क्या जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा?
या फिर जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण मिलता रहेगा?
अब निगाहें जिला प्रशासन पर… जवाब कब मिलेगा?
नोट: यह समाचार उपलब्ध सरकारी आदेशों एवं दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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