
बच्चों के पोषण आहार को गाय और कुत्ते खा रहे है, और विभाग, लुटने मे मस्त,,,,,मोहन,निषाद
बालोद ःः जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के फर्जीवाड़ा में पुरा का पूरा विभाग शामिल हैं क्योंकि जिले के सभी परियोजनाओं में जो बाबु लोग तथाकथित लेखापाल हैं वो कई वर्षों से एक ही जगह पर लम्बे समय तक काबिज हैं अगर ये सभी को इधर उधर हस्तांतरण व वर्तमान में पदस्थ जगह से हटा दिया जाता है तो विभाग की कई तरह की बातें व कार्य शैली में सुधार हो जायेगा और मामला केवल रेडी टू ईट का है तो
इसमें सबसे पहले पर्यवेक्षक सुपरवाईजर जिम्मेदार है उसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिनके मार्गदर्शन में वितरण कार्य होता है लेकिन अब तक इन जिम्मेदारों के उपर कोई कार्यवाही नहीं करना और निचले स्तर पर खानापूर्ति करने के कारण ही पूरे जिले में पोषणआहार का काम अनुबंध के अनुसार आज तक नहीं हो पाया कारण केवल एक ही है सबको अपना अपना कमीशन पहले चाहिए फिलहाल हमने
जिले के पोषण आहार केन्द्रों में औचक निरीक्षण किया है और बच्चों के लिए निर्मित पोषण आहार निर्माण केन्द्रों में आज तक अनुबंध के अनुसार न तो व्यवस्था है और न ही कोई नियम लागू है जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित पोषण आहार निर्माण केन्द्रों में गुरुर परियोजना में गुरुर सेक्टर शुरू से ही विवादित स्थल है जिसमें पोषण आहार निर्माण में लगने वाली सामग्री का इस्तेमाल तो दूर पूरे तरीके से मीनु के अनुसार किसी भी माह में सामानों की खरीदी ठीक से नहीं हो रहा है तो पोषण आहार कैसे तैयार कर रहे है और माल बनाकर वितरण किया गया है ये विभाग के अधिकारियों द्वारा समुह के माल स्टाक पंजी
और माल मिंकसिंक पंजी के जांच में पता चला जायेगा कि किस तरह से लुटमारी का खेल जारी है यहीं हाल डौन्ड़ी लोहारा परियोजना के सभी केन्द्रों में अधिकारी के मार्गदर्शन में बद से बदततर हालत पोषण आहार निर्माण केन्द्रों का
है गुंडरदेही परियोजना का भी यही हाल है विभाग को कितना भी पुख्ता सबूत या जानकारी परोस के दे दो लेकिन विभागीय अधिकारियों को तो आफिस में बैठकर खानापूर्ति करना है और समय बच गया तो कलेक्टर साहब के मिंटीग के लिए आवश्यक है कार्यवाही शुरू होने के पहले ही खेल खत्म हो जाता है खैर बच्चों का ख्याल भगवान रखे वैसे भी पोषण आहार बच्चों के बजाय कुत्ते और गाय बैल खा रहे हैं विभाग अपने मे मस्त है।बालोद जिले के सभी पोषण आहार निर्माण केंन्दों का बद से बत्तर हालत




