कवर्धादुर्ग

स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने कलेक्टर ने दिये निर्देश

स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने कलेक्टर ने दिये निर्देश

पोषण पुनर्वास केन्द्रों में गंभीर कुपोषित बच्चों की करें बेहतर देखभाल

मिशन जीरो होम डिलिवरी के तहत स्वास्थ्य केन्द्रां में करायें सुरक्षित प्रसव

डेंटल ओपीडी झलमला और पंडरिया में आवश्यक उपकरण खरीदने 50-50 हजार रूपये जारी करने के निर्देश

झोला छाप डॉक्टरों पर होगी कड़ी कार्रवाई

उत्कृष्ट कार्य करने पर चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं सेक्टर सुपरवाईजर को 15 अगस्त को मिलेगा प्रशस्ति पत्र

कवर्धा,। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने स्वास्थ्य तथा पोषण के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने विकासखण्डवार एवं सेक्टरवार आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्वास्थ्य केन्द्रों में विभिन्न योजनाओं के जरिये दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 11 से 14 वर्ष की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को नियमित पूरक पोषण आहार देने तथा बोड़ला एवं पंडरिया ब्लॉक के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में पालक समिति की बैठक लेकर उनकी सहमति से प्रत्येक सोमवार को अंडा खिलाने तथा जो बच्चा अंडा खाना नहीं चाहता उन्हें केला खिलाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने दोनो विभागों के समन्वय से पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती गंभीर कुपोषित बच्चों के बेहतर देख-भाल के निर्देश दिये। उन्होंने मिशन जीरो होम डिलिवरी के तहत स्वास्थ्य केन्द्रों में सुरक्षित प्रसव कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि एक भी प्रसव घर पर नहीं चाहिए। कलेक्टर ने मलेरिया, डेंगू, पीलिया, हैजा सहित मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए खण्ड स्तर पर शिविर लगाकर सघन जॉच के निर्देश दिये। उन्होंने दोनो विभागों के समन्वय से दिव्यांगजनों का सर्वे करने और शिविर लगाकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के भी निर्देश दिये।
कलेक्टर ने डेंटल ओपीडी झलमला एवं पंडरिया में आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए 50-50 हजार रूपये जारी करने तथा कुकदूर क्षेत्र में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा ईलाज करने की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये। उन्होंने बैगा बाहुल दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं सेक्टर सुपरवाईजर को स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को प्रशस्ति पत्र देने के लिए प्रस्तावित करने के लिए कहा। इसके साथ ही सुरक्षित प्रसव के लिए तरेगांव एवं कोयलारझोरी स्वास्थ्य केन्द्रों में भी बाईक एंबुलेंस शुरू करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने को कहा। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी परियोजना अधिकारियों एवं सेक्टर सुपरवाईजरों को प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक आंगनबाड़ी केन्द्र को 30 अगस्त तक आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र बनाने तथा जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र में मुनगा का पौधा लगाने के निर्देश दिये। आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्रों में बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में रसोई गैस खत्म होने पर पंचायतों के सहयोग से उसकी रिफलिंग कराने के भी निर्देश दिये। कलेक्टर ने दोनों विभागों की विभिन्न योजनाओं-नोनी सुरक्षा, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ, मुख्यमंत्री अमृत दूध, प्रधानमंत्री मातृ वंदना, परिवार नियोजन, मलेरिया, कुष्ठ एवं टीबी नियंत्रण, टीकाकरण, माहवारी सर्विलेंस आदि की समीक्षा की। उन्हांने रेडी टू ईट का लंबित भुगतान तथा हर महीने की 10 तारीख तक मितानिनों का मानदेय भुगतान करने के निर्देश दिये। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के.तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. के.के.गजभिये, डीपीएम सुश्री नीलू धृतलहरे सहित जिला सलाहकार, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, खंड कार्यक्रम प्रबंधक सेक्टर प्रभारी और महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजर उपस्थित थे।

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