–सरोधा–भोरमदेव मार्ग के निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग** राजा खड़्गराज सिंह ने किया मार्ग का दौरा, कलेक्टर को सौंपा पत्र** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

–सरोधा–भोरमदेव मार्ग के निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग**
राजा खड़्गराज सिंह ने किया मार्ग का दौरा, कलेक्टर को सौंपा पत्र**
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा। कवर्धा से सरोधा होते हुए भोरमदेव जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग की जर्जर एवं संकरी स्थिति को लेकर राजपरिवार सहसपुर लोहारा के राजा खड़्गराज कुमार सिंह ने मार्ग का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने 11 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर कबीरधाम को पत्र लिखकर मार्ग के शीघ्र निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग की है।
राजा खड़्गराज सिंह ने पत्र में उल्लेख किया कि क्षेत्रवासी पिछले लगभग 10 वर्षों से इस मार्ग के निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्यवाही नहीं हो सकी है। यह मार्ग दस से अधिक गांवों के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा नागरिकों एवं पर्यटकों के आवागमन का प्रमुख संपर्क मार्ग है।
उन्होंने बताया कि कवर्धा नगर के वरिष्ठ नागरिक भी इस मार्ग पर पैदल भ्रमण करते हैं, वहीं पुलिस एवं अन्य सेवाओं की भर्ती की तैयारी करने वाले युवा दौड़ एवं शारीरिक अभ्यास के लिए इसका उपयोग करते हैं। सड़क के कई स्थानों पर जर्जर एवं संकरी होने के कारण वाहनों के आवागमन में परेशानी और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पत्र में भोरमदेव अभ्यारण्य क्षेत्र में प्रस्तावित कॉरिडोर एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास का उल्लेख करते हुए कहा गया कि भविष्य में पर्यटकों और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में वर्तमान मार्ग यातायात के बढ़ते दबाव को संभालने में सक्षम नहीं होगा।
राजा खड़्गराज सिंह ने कलेक्टर से तकनीकी सर्वेक्षण, चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यक बजट एवं प्रशासकीय स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह किया है। साथ ही पैदल चलने वाले नागरिकों और शारीरिक अभ्यास करने वाले युवाओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सड़क सुरक्षा प्रावधान शामिल करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के साथ कवर्धा–सरोधा–भोरमदेव मार्ग का विकास भी प्राथमिकता से होना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मिल सके।
संपादक डी एन योगी



