घानाघाट के अंधे कत्ल का 12 घंटे में खुलासा, पति-पत्नी गिरफ्तार**

ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर हत्या की साजिश,  पुलिस का दावा, दूध में नींद की दवा मिलाकर पिलाया और गमछे से गला दबाया**

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

मुंगेली। थाना चिल्फी अंतर्गत चौकी डिंडौरी क्षेत्र के ग्राम घानाघाट में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 की रात ग्राम घानाघाट में रामचंद पटेल के घर के पास अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल (24 वर्ष) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मामले में पुलिस ने मर्ग जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस के मुताबिक मृतक के आरोपियों से पूर्व परिचय और विवाद की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि करीब तीन वर्ष पूर्व मृतक, मुकेश पटेल और उसकी पत्नी मनीषा पटेल महाराष्ट्र में मजदूरी के दौरान एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान मृतक और मनीषा के बीच संबंध बने तथा मृतक ने कथित रूप से वीडियो बना लिया था।

पुलिस के अनुसार, गांव लौटने के बाद मृतक उक्त वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मनीषा को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इससे परेशान होकर पति-पत्नी ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई।

दूध में मिलाई नींद की दवा, फिर गमछे से गला दबाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मृतक को अपने घर बुलाया और दूध में नींद की दवा मिलाकर पिला दी। उसके बेहोश होने के बाद कथित तौर पर गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को रामचंद पटेल के घर के पास फेंक दिया गया।

पुलिस के अनुसार मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया गया।

मर्ग जांच में हत्या का तथ्य सामने आने के बाद थाना चिल्फी में अपराध क्रमांक 112/26 के तहत धारा 103, 238(ए), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने आरोपी मुकेश पटेल (34 वर्ष) और उसकी पत्नी मनीषा बाई पटेल (27 वर्ष), दोनों निवासी घानाघाट, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर 17 अगस्त 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

उक्त अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्रा (प्रभारी, थाना चिल्फी), उपनिरीक्षक मानसिंह (चौकी प्रभारी डिन्डौरी), महिला सउनि रामकुमारी यादव, प्रधान आरक्षक श्याम डहरिया, गुलाब सिंह राजपूत, चिंताराम कश्यप, महिला आरक्षक संगीता बर्मन तथा आरक्षक नमित सिंह, मनोज राजपूत, पवन गंधर्व, बंशी कंवर, संजय पात्रे, नागेश साहू एवं मनीष प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

रिपोर्ट — डी एन योगी

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