जन्मदिन के बहाने राजनीति को धार देने की कवायद मुंगेली कबीर क्रांति मुंगेली,,। राजनीति में अभी तक रैलियों, सभाओं और धरने-प्रदर्शनों के जरिए नेता अपना वर्चस्व साबित करने का चलन था, लेकिन अब राजनीतिक के मायने कुछ बदलने लगे हैं। मुंगेली की राजनीति में यह देखने को मिल रहा है। अब मुंगेली में जन्मदिन के बहाने अपना राजनीतिक कद दिखाने की होड़ लगी है। इसका जीता जागता उदाहरण भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष तरुण खांडेकर के जन्मदिन और जन्मदिन की तैयारियों के दौरान देखने को मिला। तरुण के जन्मदिन के लिए जिस प्रकार पूरी मुंगेली में पोस्टरबाजी की गई थी, उसे देखकर स्पष्ट कहा जा सकता है कि उन्होंने खुद को मुंगेली में भाजपा का बड़ा नेता घोषित करने की कवायद छेड़ी गई है। भाजपा के नेता भी इस बात को दबे शब्दों में कह रहे हैं कि पहली बार किसी भाजपा नेता के इतने बड़े स्तर पर होर्डिंग और बैनर लगे हैं। यही नहीं शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं,युवा मोर्चा के लोग बड़ी संख्या भी उनको बधाई देने उनके निवास पर पहुंचे। वैसे खुद तरुण खांडेकर भी अपने जन्मदिन पर कई वरिष्ठ नेताओं से मिलने पहुंचे। इसमें पूर्व मंत्री, भाजपा के कद्दावर नेता पुन्नूलाल मोहले शामिल हैं। इस जन्मदिन डिप्लोमेसी के जरिए अपनी राजनीति को धार देने में अन्य कई भाजपा नेता के नाम भी है। इनके पोस्टर और बैनर भाजपा कार्यालय के बाहर अक्सर देखे जा सकते हैं, लेकिन जितने बड़े पैमाने पर तरुण खांडेकर के होर्डिंग पूरी मुंगेली में लगे, उससे पूरी मुंगेली भाजपा में चर्चा का विषय है। इससे पहले कांग्रेस के कई नेता वैसे अपने जन्मदिन को राजनीति के मंच पर भुनाते आए हैं लेकिन भाजपा के नेता ही कहते हैं कि यह जन्मदिन को राजनीतिक के मंच पर जिस तरह से इस्तेमाल करने की कोशिश की गई है, यह भाजपा की संस्कृति नहीं है। आम तौर पर भाजपा यहां तक की खुद तरुण खांडेकर का बैकग्राउंड युवा मोर्चा का है, और जिस तरह से तरूण का जन्मदिन मना, उससे भाजपा के पदाधिकारी भी खुश नजर नहीं आ रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को तरुण खांडेकर के कथित समर्थकों द्वारा पूरी मुंगेली में होर्डिंग लगाया जाना गले से नहीं उतर रहा है। भाजपा में जितनी मुंह उतनी बातें हो रही हैं। चर्चा तो यहां तक है कि अपने जन्मदिन के होर्डिंग उनके चाहने वालों नहीं बल्कि उन्होंने ही अपने समर्थकों से कह कर लगवाए हैं, अब इस पर उनकी मंशा का भी गुणा-भाग किया जा रहा है। यहां कहा जा रहा है कि इस साल में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हैं ऐसे में यह जन्मदिन तरुण द्वारा बड़ी राजनीति की शुरुआत हो सकती है। लेकिन जन्मदिन मनाने का यह तरीका कितने ही भाजपा नेताओं को हजम नहीं हो रहा है। Spread the love Post navigation खैरा-सेतगंगा प्रदेश के ऐतिहासिक पुरातात्विक धार्मिक पर्यटन और जनआस्था का केंद्र बिंदु वन विभाग की नाकामी से नर हांथी की गई जान, विभाग के अधिकारी एक दूसरे पर दोषारोपण करने में लगे खुड़िया के जंगलों में खुलेआम हो रहा है वन प्राणीयों का शिकार, किसके संरक्षण में की जा रही वन्यप्राणियों की हत्या