धान खरीदी घोटाले में बड़ा सवाल!** “छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े जिम्मेदारों पर खामोशी क्यों?”** पीड़ित परिवारों का दावा — ओहदे के हिसाब से चलता था कमीशन का खेल!** धान घोटाले में जितने भी लोगों को कमीशन मिला है, ? नाम सहित समाचार प्रकाशित किया जायेगा,,? ** कमीशन खोरों का अभी से हाथ पैर कापने सुरु हो गये हैं,,? ** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

धान खरीदी घोटाले में बड़ा सवाल!**
“छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े जिम्मेदारों पर खामोशी क्यों?”**
पीड़ित परिवारों का दावा — ओहदे के हिसाब से चलता था कमीशन का खेल!**
धान घोटाले में जितने भी लोगों को कमीशन मिला है, ? नाम सहित समाचार प्रकाशित किया जायेगा,,? **
कमीशन खोरों का अभी से हाथ पैर कापने सुरु हो गये हैं,,? **
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा। कबीरधाम जिले में धान खरीदी से जुड़े कथित घोटाले और अनियमितताओं का मामला अब और गरमाता जा रहा है। कार्रवाई की जद में आए समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के परिवारों ने अब पूरे सिस्टम की निष्पक्ष जांच की मांग उठाकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि धान खरीदी व्यवस्था में कथित रूप से नीचे से ऊपर तक जिम्मेदारियों के हिसाब से लाभ बांटे जाने की चर्चा होती रही है। उनका कहना है कि अगर अनियमितता हुई है तो केवल कुछ कर्मचारियों को दोषी ठहराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
? उठ रहे हैं बड़े सवाल
** जब जिम्मेदार कर्मचारी हड़ताल पर थे, तब धान खरीदी किसके निर्देश पर चलती रही?
** ऑनलाइन एंट्री और रिकॉर्ड किसके माध्यम से अपडेट हुए?
** धान का उठाव, परिवहन और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी?
** हजारों क्विंटल धान कम मिलने के बाद जवाबदेही तय क्यों नहीं हुई?
भौतिक सत्यापन में करीब 64 हजार क्विंटल धान कम मिलने की चर्चा के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अंतर कैसे आया और समय रहते इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची?
पीड़ित परिवारों का कहना है कि पूरे मामले की जांच केवल एफआईआर और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि—
** मोबाइल कॉल रिकॉर्ड
** बैंक लेन-देन
** परिवहन दस्तावेज
** धान उठाव रिकॉर्ड
** ऑनलाइन सिस्टम की जांच
के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल होनी चाहिए।
परिवारों का दावा है कि आने वाले दिनों में वे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और तथ्य सामने रख सकते हैं। उनका कहना है कि यदि कथित रूप से किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार चाहे कोई भी हो, कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित विभागों की ओर से इस संबंध में अंतिम प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या जांच की आंच केवल छोटे कर्मचारियों तक पहुंचेगी या फिर पूरे सिस्टम की परतें खुलेंगी?
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
डी एन योगी की रिपोर्ट
धान खरीदी घोटाले में बड़ा सवाल!**
“छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े जिम्मेदारों पर खामोशी क्यों?”**
पीड़ित परिवारों का दावा — ओहदे के हिसाब से चलता था कमीशन का खेल!**
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कमीशन खोरों का अभी से हाथ पैर कापने सुरु हो गये हैं,,? **
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट




