कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट पोलमी अंतरराज्यीय बैरियर बना “खानापूर्ति” का अड्डा! पुलिस और वन विभाग की गैरमौजूदगी ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल कवर्धा**मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित पोलमी अंतरराज्यीय बैरियर अब सुरक्षा चौकी कम और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण ज्यादा नजर आने लगा है। जिस बैरियर पर 24 घंटे पुलिस, वन और आबकारी विभाग की संयुक्त निगरानी होनी चाहिए, वहां आज केवल एक गार्ड के भरोसे पूरी सीमा की सुरक्षा छोड़ दी गई है। पुलिस नदारद… वन विभाग गायब… और अवैध गतिविधियों पर रोक केवल कागजों में! स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस विभाग केवल औपचारिक निरीक्षण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि वन विभाग की मौजूदगी भी नाम मात्र की रह गई है। जंगलों से घिरे इस संवेदनशील इलाके में अवैध लकड़ी परिवहन, शराब तस्करी, गांजा और संदिग्ध गतिविधियों की आशंका लगातार बनी हुई है। रात होते ही हालात और गंभीर हो जाते हैं! अंधेरे का फायदा उठाकर कई संदिग्ध वाहन सीमा पार करते हैं, लेकिन जांच करने वाला कोई नहीं। सवाल यह है कि अगर भविष्य में कोई बड़ा मामला सामने आता है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? सरकार सीमा सुरक्षा और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पोलमी बैरियर की जमीनी सच्चाई उन दावों की हवा निकाल रही है। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने मांग की है कि— पुलिस, वन और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम 24 घंटे तैनात हो आधुनिक जांच व्यवस्था लागू की जाए पर्याप्त सुरक्षा बल और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ?अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करते हैं या फिर पोलमी बैरियर आगे भी केवल दिखावे और खानापूर्ति का केंद्र बना रहेगा। कबीर क्रांति जनता की आवाज, सच के साथ Spread the love Post navigation स्थानीय सदस्यों ने जनपद पंचायत में कमीशनखोरी का खुला खेल चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को केवल “मूकदर्शक” बनाकर रखा गया है। जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रभारी सीईओ शिवकुमार साहु एवं प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी को तत्काल हटाया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का संचालन पारदर्शी और सही तरीके से हो सके। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में अव्यवस्था का आरोप, जनप्रतिनिधियों में नाराजगी कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिए डी एन योगी की रिपोर्ट धान खरीदी केंद्रों में बढ़ते घोटालों ने खड़े किए बड़े सवाल पिछले दो-तीन वर्षों से जिले के धन उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी को लेकर लगातार गड़बड़ियों और घोटालों की शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं तौल में हेराफेरी, कहीं फर्जी रकबा, तो कहीं कागजों में धान खरीदी दिखाकर शासन को लाखों-करोड़ों का नुकसान पहुंचाने के आरोप लग रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिला स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों की मॉनिटरिंग इतनी कमजोर क्यों है? जब हर खरीदी केंद्र की निगरानी के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र मौजूद है, तब लगातार सामने आ रही अनियमितताएं कई गंभीर संकेत दे रही हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारियों की भूमिका भी अब सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। क्योंकि समितियों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण और वित्तीय गतिविधियों की निगरानी में इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। बावजूद इसके अगर घोटाले बढ़ रहे हैं, तो यह केवल लापरवाही है या फिर किसी बड़े संरक्षण का खेल — यह जांच का विषय बन चुका है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आने वाले समय में धान खरीदी व्यवस्था पर से किसानों का भरोसा पूरी तरह उठ सकता है। अब जरूरत है कि शासन स्तर पर उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के हक और सरकारी धन की सुरक्षा हो सके। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट