कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ डी एन योगी की रिपोर्ट सुशासन तिहार या डर का दरबार? शिकायतकर्ता और आरोपी आमने-सामने, ग्रामीणों में भारी आक्रोश! सरकार कह रही है “सुशासन तिहार” लेकिन गांवों में लोग पूछ रहे हैं — क्या यही सुशासन है? जिले में लगाए जा रहे क्लस्टर शिविरों में सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यदि शिकायत पटवारी, सचिव, रोजगार सहायक या राशन दुकान संचालक से है, तो ग्रामीणों को उसी आरोपी के सामने शिकायत करनी पड़ रही है! सोचिए… जिस कर्मचारी के खिलाफ शिकायत, उसी के सामने फरियाद! फिर कैसे बोलेगा गरीब किसान? कैसे न्याय मांगेगा आम ग्रामीण? ग्रामीणों का आरोप — शिकायत के बाद काम अटकाने की धमकी नामांतरण, सीमांकन और गिरदावरी में परेशानियां राशन और पंचायत कार्यों में प्रताड़ना का डर शिविर में केवल खानापूर्ति और फोटो सेशन सबसे बड़ा सवाल जिला स्तरीय बड़े अधिकारी आखिर गायब क्यों? गोपनीय शिकायत काउंटर क्यों नहीं? ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता कहां है? ग्रामीणों का साफ कहना है — “यह सुशासन तिहार नहीं, दिखावटी दरबार बन गया है।” यदि शिकायतकर्ता सुरक्षित नहीं, तो सुशासन का दावा भी बेईमानी है! ग्रामीणों की मांग : गोपनीय शिकायत व्यवस्था लागू करो जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य करो शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखो कार्रवाई और ट्रैकिंग सार्वजनिक करो नहीं तो आने वाले समय में यही “सुशासन तिहार” ग्रामीणों के गुस्से और अविश्वास का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। कबीर क्रांति न्यूज़ जनता की आवाज, सत्ता से सीधा सवाल!

D.N. Yogi

ByD.N. Yogi

May 7, 2026

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
डी एन योगी की रिपोर्ट
सुशासन तिहार या डर का दरबार?
शिकायतकर्ता और आरोपी आमने-सामने, ग्रामीणों में भारी आक्रोश!
सरकार कह रही है “सुशासन तिहार”
लेकिन गांवों में लोग पूछ रहे हैं —
क्या यही सुशासन है?
जिले में लगाए जा रहे क्लस्टर शिविरों में सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
यदि शिकायत पटवारी, सचिव, रोजगार सहायक या राशन दुकान संचालक से है, तो ग्रामीणों को उसी आरोपी के सामने शिकायत करनी पड़ रही है!
सोचिए…
जिस कर्मचारी के खिलाफ शिकायत, उसी के सामने फरियाद!
फिर कैसे बोलेगा गरीब किसान?
कैसे न्याय मांगेगा आम ग्रामीण?
ग्रामीणों का आरोप —
शिकायत के बाद काम अटकाने की धमकी
नामांतरण, सीमांकन और गिरदावरी में परेशानियां
राशन और पंचायत कार्यों में प्रताड़ना का डर
शिविर में केवल खानापूर्ति और फोटो सेशन
सबसे बड़ा सवाल
जिला स्तरीय बड़े अधिकारी आखिर गायब क्यों?
गोपनीय शिकायत काउंटर क्यों नहीं?
ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता कहां है?
ग्रामीणों का साफ कहना है —
“यह सुशासन तिहार नहीं, दिखावटी दरबार बन गया है।”
यदि शिकायतकर्ता सुरक्षित नहीं,
तो सुशासन का दावा भी बेईमानी है!
ग्रामीणों की मांग :
गोपनीय शिकायत व्यवस्था लागू करो
जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य करो
शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखो
कार्रवाई और ट्रैकिंग सार्वजनिक करो
नहीं तो आने वाले समय में यही “सुशासन तिहार”
ग्रामीणों के गुस्से और अविश्वास का सबसे बड़ा कारण बन सकता है।
कबीर क्रांति न्यूज़
जनता की आवाज, सत्ता से सीधा सवाल!

Spread the love

You missed