कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | डी.एन. योगी की रिपोर्ट कवर्धा (कबीरधाम) — एक तरफ जिले की सभी 471 ग्राम पंचायतों में 7 तारीख को “चावल महोत्सव” मनाने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि कई हितग्राहियों को पिछले तीन माह से राशन का चावल नहीं मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में योजनाओं को सफल दिखाने के लिए झूठी खबरें और विज्ञप्तियां जारी करवा रहे हैं, जबकि हकीकत में गरीब परिवारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। मुख्य सवाल खड़े हो रहे हैं: जब तीन महीने का चावल वितरण ही नहीं हुआ, तो महोत्सव किस बात का? क्या अधिकारियों द्वारा आंकड़ों में हेरफेर किया जा रहा है? क्या शासन को गलत जानकारी भेजी जा रही है? ग्रामीणों की मांग: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए दोषी अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो सभी पात्र हितग्राहियों को बकाया राशन तुरंत वितरित किया जाए यह मामला सीधे तौर पर गरीबों के हक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता से जुड़ा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक बड़ा प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का संकेत है। प्रशासन और जिला अधिकारियों को चाहिए कि वे इस मामले पर तुरंत संज्ञान लें, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचे, न कि केवल कागजों तक सीमित रह जाए Spread the love Post navigation शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम में विभिन्न पदों पर संविदा भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित* कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 05 नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों (दन्तेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेन्द्रगढ़ एवं कुनकुरी-जशपुर) के लिए स्वीकृत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम में संविदा नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उक्त पदों के अंतर्गत मेडिको सोशल वर्कर (03 पद), स्टेनोग्राफर ग्रेड-3 (01 पद), तकनीशियन (10 पद), सहायक ग्रेड-3 (01 पद) तथा डिसेक्शन हॉल अटेंडेंट (01 पद) शामिल हैं। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 06 मई 2026 से 13 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन, आवेदन की प्रक्रिया, श्रेणीवार रिक्त पदों का विवरण, आवश्यक अर्हताएं, आयु सीमा, नियम एवं शर्तों की जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट तथा नोडल चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ डी एन योगी की रिपोर्ट सुशासन तिहार या डर का दरबार? शिकायतकर्ता और आरोपी आमने-सामने, ग्रामीणों में भारी आक्रोश! सरकार कह रही है “सुशासन तिहार” लेकिन गांवों में लोग पूछ रहे हैं — क्या यही सुशासन है? जिले में लगाए जा रहे क्लस्टर शिविरों में सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यदि शिकायत पटवारी, सचिव, रोजगार सहायक या राशन दुकान संचालक से है, तो ग्रामीणों को उसी आरोपी के सामने शिकायत करनी पड़ रही है! सोचिए… जिस कर्मचारी के खिलाफ शिकायत, उसी के सामने फरियाद! फिर कैसे बोलेगा गरीब किसान? कैसे न्याय मांगेगा आम ग्रामीण? ग्रामीणों का आरोप — शिकायत के बाद काम अटकाने की धमकी नामांतरण, सीमांकन और गिरदावरी में परेशानियां राशन और पंचायत कार्यों में प्रताड़ना का डर शिविर में केवल खानापूर्ति और फोटो सेशन सबसे बड़ा सवाल जिला स्तरीय बड़े अधिकारी आखिर गायब क्यों? गोपनीय शिकायत काउंटर क्यों नहीं? ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता कहां है? ग्रामीणों का साफ कहना है — “यह सुशासन तिहार नहीं, दिखावटी दरबार बन गया है।” यदि शिकायतकर्ता सुरक्षित नहीं, तो सुशासन का दावा भी बेईमानी है! ग्रामीणों की मांग : गोपनीय शिकायत व्यवस्था लागू करो जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य करो शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखो कार्रवाई और ट्रैकिंग सार्वजनिक करो नहीं तो आने वाले समय में यही “सुशासन तिहार” ग्रामीणों के गुस्से और अविश्वास का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। कबीर क्रांति न्यूज़ जनता की आवाज, सत्ता से सीधा सवाल!