*शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम में विभिन्न पदों पर संविदा भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित* कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 05 नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों (दन्तेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेन्द्रगढ़ एवं कुनकुरी-जशपुर) के लिए स्वीकृत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम में संविदा नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उक्त पदों के अंतर्गत मेडिको सोशल वर्कर (03 पद), स्टेनोग्राफर ग्रेड-3 (01 पद), तकनीशियन (10 पद), सहायक ग्रेड-3 (01 पद) तथा डिसेक्शन हॉल अटेंडेंट (01 पद) शामिल हैं। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 06 मई 2026 से 13 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन, आवेदन की प्रक्रिया, श्रेणीवार रिक्त पदों का विवरण, आवश्यक अर्हताएं, आयु सीमा, नियम एवं शर्तों की जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट तथा नोडल चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव की वेबसाइट पर उपलब्ध है। Spread the love Post navigation कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट खबर भले निरंतर नहीं, अपितु रसदार ज़रूर है 👀🌹👀💗👀 एक को माई का, एक को मौसी का — अतीत की कहावत फिर हुई चरितार्थ ! कबीरधाम जिले की राजनीति में एक बासी और एक ताज़ा घटनाक्रम चर्चा का बड़ा विषय बनता जा रहा है। सम्माननीय पाठकगण, जय जोहार, नमस्कार देश की सबसे पुरानी और बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के भीतर जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक नेतृत्व, नीति और अनुशासन को लेकर उठ रहे सवाल अब संगठन के अंदर ही धुएं के गुबार की तरह फैलते दिखाई दे रहे हैं। कबीरधाम कांग्रेस संगठन में भीतरखाने लिए जा रहे फैसले अब कार्यकर्ताओं के मन में असंतोष, पीड़ा और भेदभाव की भावना को जन्म दे रहे हैं। यह सर्वविदित है कि किसी भी संगठन में अच्छे-बुरे लोग हो सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति कानूनन दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी और संगठनात्मक कार्यवाही होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। मगर सवाल यहां दोहरे मापदंड का उठ रहा है… विगत दिनों कवर्धा जिले के लोहारा ब्लॉक के तत्कालीन कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर अनैतिक आचरण के मामले में कानूनी कार्यवाही के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था। मामला गंभीर था, इसलिए संगठन ने तत्काल कठोर कदम उठाया। लेकिन वर्तमान में पांडातराई थाना क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि चंद्रवंशी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हुई, राजधानी रायपुर से गिरफ्तारी हुई और वे न्यायिक अभिरक्षा में जेल में भी बंद हैं। इसके बावजूद अब तक न कोई स्पष्ट नोटिस, न निष्कासन और न ही कोई सार्वजनिक संगठनात्मक कार्यवाही सामने आई है। ऐसे में बड़ा सवाल उठना लाजिमी है कि — क्या पार्टी में कार्यवाही व्यक्ति की पहुंच, पद और संरक्षण देखकर तय होती है? क्या नियम अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हैं? क्या संगठन में सामान्य कार्यकर्ता और प्रभावशाली पदाधिकारियों के लिए अलग पैमाना अपनाया जा रहा है? यह मामला अब कांग्रेस संगठन के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा और कौतूहल का विषय बन चुका है। संगठन के अनेक कार्यकर्ता स्पष्ट और समान कार्यवाही की प्रतीक्षा में हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | डी.एन. योगी की रिपोर्ट कवर्धा (कबीरधाम) — एक तरफ जिले की सभी 471 ग्राम पंचायतों में 7 तारीख को “चावल महोत्सव” मनाने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि कई हितग्राहियों को पिछले तीन माह से राशन का चावल नहीं मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में योजनाओं को सफल दिखाने के लिए झूठी खबरें और विज्ञप्तियां जारी करवा रहे हैं, जबकि हकीकत में गरीब परिवारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। मुख्य सवाल खड़े हो रहे हैं: जब तीन महीने का चावल वितरण ही नहीं हुआ, तो महोत्सव किस बात का? क्या अधिकारियों द्वारा आंकड़ों में हेरफेर किया जा रहा है? क्या शासन को गलत जानकारी भेजी जा रही है? ग्रामीणों की मांग: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए दोषी अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो सभी पात्र हितग्राहियों को बकाया राशन तुरंत वितरित किया जाए यह मामला सीधे तौर पर गरीबों के हक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता से जुड़ा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक बड़ा प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का संकेत है। प्रशासन और जिला अधिकारियों को चाहिए कि वे इस मामले पर तुरंत संज्ञान लें, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचे, न कि केवल कागजों तक सीमित रह जाए