कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट “जिला पंचायत का वो बाबू… जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में!” कबीरधाम जिले के सरकारी दफ्तरों में इन दिनों एक ही नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। चर्चा उस बाबू की… जिस पर सचिवों के बीच खुलेआम “कमीशनखोरी” और “सेटिंगबाजी” के आरोप लगाए जा रहे हैं। सचिवों की जुबानी आरोप — बिना “चढ़ावा” फाइल आगे नहीं बढ़ती तनख्वाह अटक जाए या एरियर्स रुके, पहले “हिस्सा” तय होता है बिल पास कराने के नाम पर खुलेआम लेन-देन की चर्चा सस्पेंड कर्मचारियों की बहाली तक में “दक्षिणा” की बात! सचिवों में चर्चा इतनी तेज है कि लोग कहने लगे हैं — “बाबू नहीं… पूरा सिस्टम वही चला रहा है!” सरकारी गलियारों में यह भी चर्चा है कि साहबों के साथ देर रात तक बैठकी होती है और फाइलों से ज्यादा “फिक्सिंग” पर खेल चलता है। ?सबसे बड़ा सवाल आखिर कार्रवाई क्यों नहीं? क्या ऊपर तक मजबूत पकड़ है? या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें बंद कर ली गई हैं? गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक अब निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। लोग कह रहे हैं कि अगर सचिवों की पीड़ा और चर्चाओं की जांच हो जाए तो कई बड़े राज सामने आ सकते हैं। अब देखना होगा… यह मामला सिर्फ चर्चाओं तक सीमित रहेगा या भ्रष्टाचार के इस खेल पर कभी कार्रवाई भी होगी? कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
“जिला पंचायत का वो बाबू… जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में!”
कबीरधाम जिले के सरकारी दफ्तरों में इन दिनों एक ही नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
चर्चा उस बाबू की… जिस पर सचिवों के बीच खुलेआम “कमीशनखोरी” और “सेटिंगबाजी” के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सचिवों की जुबानी आरोप —
बिना “चढ़ावा” फाइल आगे नहीं बढ़ती
तनख्वाह अटक जाए या एरियर्स रुके, पहले “हिस्सा” तय होता है
बिल पास कराने के नाम पर खुलेआम लेन-देन की चर्चा
सस्पेंड कर्मचारियों की बहाली तक में “दक्षिणा” की बात!
सचिवों में चर्चा इतनी तेज है कि लोग कहने लगे हैं —
“बाबू नहीं… पूरा सिस्टम वही चला रहा है!”
सरकारी गलियारों में यह भी चर्चा है कि साहबों के साथ देर रात तक बैठकी होती है और फाइलों से ज्यादा “फिक्सिंग” पर खेल चलता है।
?सबसे बड़ा सवाल आखिर कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या ऊपर तक मजबूत पकड़ है?
या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें बंद कर ली गई हैं?
गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक अब निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
लोग कह रहे हैं कि अगर सचिवों की पीड़ा और चर्चाओं की जांच हो जाए तो कई बड़े राज सामने आ सकते हैं।
अब देखना होगा…
यह मामला सिर्फ चर्चाओं तक सीमित रहेगा
या भ्रष्टाचार के इस खेल पर कभी कार्रवाई भी होगी?
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट




