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महतारी वंदन योजना से महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास** हर महीने की आर्थिक मदद से मिली जीवन में स्थिरता** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

महतारी वंदन योजना से महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास**

हर महीने की आर्थिक मदद से मिली जीवन में स्थिरता**

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

कवर्धा,। महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही महतारी वंदन योजना से अनेक गृहिणिया आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ रही है। यह योजना केवल वित्तीय सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की प्रेरणा भी देती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है, कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की श्रीमती लक्ष्मी गंधर्व की, जो एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखती हैं।
श्रीमती लक्ष्मी गंधर्व बताती है कि वे आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत है। परिवार का गुज़ारा मिलने वाला मानदेय पर चलता है। सीमित आमदनी में परिवार की ज़रूरतें पूरी करना पहले उनके लिए बड़ी चुनौती थी। हर महीने के खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती थी, जिससे घर की छोटी-मोटी ज़रूरतें अधूरी रह जाती थीं। लेकिन जब से राज्य शासन की महतारी वंदन योजना शुरू हुई है, जीवन में सुकून और आत्मविश्वास दोनों लौट आए हैं। इस योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है। यह राशि उनके परिवार के मासिक खर्चों में अहम सहयोग बन गई है।
श्रीमती लक्ष्मी बाई बताती हैं एक हजार रुपये हमारे जैसे परिवार के लिए बहुत बड़ी मदद है। इससे हर महीने जरूरी सामान का खर्च आसानी से निकल जाता है। जब पैसे खत्म होने लगते हैं, तो मन में तसल्ली रहती है कि महतारी वंदन की राशि फिर आने वाली है। उन्होंने बताया कि अब तक उन्हें इस योजना के माध्यम से 21 किस्तों में कुल 21,000 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। इस सहयोग से उन्होंने घर की छोटी जरूरतें पूरी की हैं और कुछ राशि बचाकर भविष्य के लिए भी संभाल कर रखी है।
श्रीमती लक्ष्मी बाई राज्य शासन की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती है कि यह योजना महिलाओं के आत्मबल को बढ़ाने वाली और परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने वाली साबित हो रही है। महतारी वंदन योजना सच में प्रदेश की महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की किरण बनकर आई है। एक समय था जब हर रुपये के लिए सोचना पड़ता था,अब वही महिलाएँ आत्मविश्वास के साथ अपने घर की ज़रूरतें पूरी कर रही हैं।

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