कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट *उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर ग्राम पंचायत स्तर में कृषकों को नक्शा, खसरा एवं बी-1 निःशुल्क वितरण की अभिनव पहल प्रारंभ* *अब किसानों को नक्शा, खसरा, बी-1 के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर* *कृषकों को राजस्व दस्तावेजों की त्वरित एवं सुलभ प्राप्ति सुनिश्चित करने शासन की प्राथमिकता*

कबीर क्रांति ब्रेकिंग
न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
*उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर ग्राम पंचायत स्तर में कृषकों को नक्शा, खसरा एवं बी-1 निःशुल्क वितरण की अभिनव पहल प्रारंभ*
*अब किसानों को नक्शा, खसरा, बी-1 के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर*
*कृषकों को राजस्व दस्तावेजों की त्वरित एवं सुलभ प्राप्ति सुनिश्चित करने शासन की प्राथमिकता*
कवर्धा। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर ही कृषकों और ग्रामीणों को निःशुल्क नक्शा, खसरा एवं बी-1 जैसे महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का वितरण प्रारंभ किया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा द्वारा विगत दिवस में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि कृषकों को उनके ग्राम में ही भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं ताकि उन्हें तहसील या अन्य कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ें। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में एवं अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कवर्धा श्री मुकेश रावटे के नेतृत्व में इस दिशा में कार्यवाही करते हुए आज ग्राम मरपा में कृषकों को नक्शा, खसरा एवं बी-1 का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल शासन की सरल, सुलभ एवं पारदर्शी सेवा प्रदाय नीति के अनुरूप ग्रामीण कृषकों को त्वरित लाभ प्रदान करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है।
अनुविभागीय अधिकारी श्री मुकेश रावटे द्वारा कृषकों को नक्शा, खसरा एवं बी-1 की उपयोगिता, स्वामित्व की पुष्टि, ऋण, बीमा एवं योजनाओं से जुड़े कार्यों में इनकी आवश्यकता संबंधी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही एग्री ऐप के माध्यम से कृषक पंजीयन की प्रक्रिया को भी सरलता से समझाते हुए अधिकाधिक कृषकों को डिजिटल पद्धति से जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया। इस पहल से जिले के कृषकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी एवं राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता व गति आएगी। यह नवाचार उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की किसानोन्मुखी सोच एवं प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो राज्य शासन के जनहितकारी दृष्टिकोण को धरातल पर क्रियान्वित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर, जनपद सदस्य श्रीमती मिथला मिथलेश बंजारे, सरपंच श्रीमती रूप बाई पटेल, तहसीलदार श्री परमेश्वर मंडावी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कवर्धा श्री शैलेश भगत, अतिरिक्त सीईओ श्री चेतन पाण्डेय, ग्राम सचिव, हल्का पटवारी सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की मंशा स्पष्ट है कि राजस्व एवं शासन से संबंधित आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों एवं कृषकों तक पहुंचें, ताकि उन्हें अनावश्यक दौड़-धूप से मुक्ति मिले और शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से प्राप्त हो। उनका उद्देश्य है कि राजस्व अभिलेख जैसे नक्शा, खसरा एवं बी-1, जो कि किसान की भूमि पर अधिकार, योजनाओं में पात्रता एवं कृषि ऋण आदि में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उन्हें बिना शुल्क और बिना कठिनाई के ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाए। इससे न केवल सेवा वितरण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास भी सुदृढ़ होगा। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की यह सोच दर्शाती है कि शासन केवल योजनाएं बनाकर ही नहीं रुकता, बल्कि उसकी प्राथमिकता यह भी है कि अंतिम व्यक्ति तक उन योजनाओं की पहुंच सुगम और प्रभावी हो।
निःशुल्क नक्शा, खसरा एवं बी-1 जैसे महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का वितरण से लाभ
कवर्धा एसडीएम श्री मुकेश रावटे ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व दस्तावेजों की उपलब्धता से किसानों को तहसील कार्यालय के कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय, यात्रा व्यय एवं श्रम की होगी। राजस्व दस्तावेज अब किसानों को उनके गांव में ही उपलब्ध कराएं जा रहें हैं, जिससे सेवाएं अधिक त्वरित, सरल और सुगम बन गई हैं। खसरा, नक्शा और बी-1 दस्तावेज की आवश्यकता कृषि ऋण, बीमा, मुआवजा, पीएम किसान योजना, सिंचाई सुविधा जैसे कई शासकीय लाभों के लिए होती है। इनकी उपलब्धता से किसान त्वरित रूप से योजनाओं से लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर दस्तावेज वितरण की प्रक्रिया से शासन-प्रशासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी। भूमि संबंधी स्वामित्व एवं सीमांकन से जुड़े विवादों में स्पष्टता आती है, जिससे आपसी विवादों एवं भ्रम की स्थितियों में कमी आती है। एग्री पोर्टल व अन्य डिजिटल माध्यमों से दस्तावेजों का उपयोग प्रोत्साहित होता है, जिससे कृषि कार्यों का डिजिटलीकरण सशक्त होता है।



