कवर्धादुर्ग

प्रयोग के तौर पर शुरू किया मॉडल बाड़ी कबीरधाम जिले में सफल

सिद्धराम की बाड़ी से हरी सब्जियों का उत्पादन शुरू

हितग्राही सिद्ध राम ने कहा : बाड़ी योजना से परिवार की आमदनी बढ़ी

कवर्धा,  कबीरधाम जिले में छत्तीसगढ़ सरकार की ग्रामीण अजीविका संवर्धन से जुड़े महत्वपूर्ण योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी योजना के सफलतम क्रियान्वयन के बाद उनके सकारात्मक परिणाम भी आने शुरू हो गए है। बाड़ी विकास के तहत बिरकोना के सिद्धराम की बाड़ी में पहला प्रयोग सफल हो गया है। अब उनकी बाड़ी में सब्जियों का उत्पादन भी शुरू हो गया है। अब उन्हे परिवार के लिए बाजार से हरी सब्जियां खरीदी नहीं पड़ रही है। हरी सब्जियों का अधिक उत्पादन होने से वह अपने गांव के बाजार में सब्जियां बेच रहा है, इससे परिवार की आमदनी भी बढ़ी है।

किसान सिद्धराम अपनी बाड़ी में हरी सब्जियों की उत्पादन से बेहद खुश है। किसान ने अपनी खुशी का जाहिर करते हुए कहा बरसो बाद अपनी बाड़ी में हरियाली देखी है। उन्होने बताया कि बिरकोना में आयोजित ग्राम चौपाल से उनकी तकदीर बदली है। उन्होने बताया कि छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के विकास के लिए गांव में चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कलेक्टर से लेकर सभी बड़े-बड़े अधिकारी पहुंचे थे। कलेक्टर ने चौपाल में गौठान निर्माण और बाडी विकास के अनेक फायदे बताए थे।

उन्होने बताया कि किसानों की बाड़ी को सरकार सांवरने वाली है। किसान सिद्धराम ने आगे बताया कि अधिकारियों की बातों का भरोसा नहीं था, लेकिन कुछ ही दिन बाद बिरकोना में मॉडल गौठान बनना शुरू हुआ। तब मैने वहां पहुंच कर अधिकारियों से पूछा कि क्या सचमूच किसानों की बाड़ी को सरकार संवारने वाली है। तब अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ के चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी को बचाने के लिए योजनाएं बनाई है। इसी योजना के तहत आपके बाड़ी को बचाया जाएगा और वहां सब्जियों का उत्पादन होगा और उससे परिवार को रोज ताजे-ताजे हरी सब्जियां मिलेगी और बाजार से सब्जियां खरीदी भी नहीं पड़ंगी। हरी सब्जियों का अधिक उत्पादन होने से बाजार में अच्छे दाम में बेच भी सकते है, इससे परिवार की आमदनी भी बढेंगी।

किसान सिद्धराम का कहना है कि अधिकारियों की बाते सुनकर मैने बाड़ी विकास के तहत अपनी बाड़ी को अधिकारियों को दिखाया। अधिकारियों ने मेरा नाम डायरी में लिखा और दूसरे दिन ही बाड़ी विकास का काम शुरू हो गया। यह बात फरवरी माह की है। चार महीने में बाड़ी का काम पूरा हो गया। बाड़ी में अधिकारियों के मार्गदर्शन में भिड्डी, बरबट्टी, चुरचुटिया, बैगन, तोराई, लौकी, करेला, चेजभाजी, पालक भाजी, लाला भाजी, चौलाई भाजी और जड़ी सब्जी लगाई गई। इसके अलावा क्यारी में धनियां हरी मिर्च भी बोनी की गई।

सभी सब्जियां मौसम के हिसाब से उत्पादन हो रही है। उन्होने बताया कि अब परिवार के लिए बाजार से सब्जी खरीदना नहीं पड़ रहा है। इससे मेरे पैसे की बजत हो रही है और सब्जियां बाजार में बेचने से परिवार की आमदनी भी बढ़ी है। उन्होने यह भी कहा कि बाड़ी विकास होने से मेरे परिवार को सरकार के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ग्रामीण अजीविका संवर्धन की महत्वपूर्ण योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के तहत कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण के मार्गदर्शन में कबीरधाम जिले के 76 ग्राम पंचायतों में मॉडल गोठान का निर्माण किया जा रहा है। बाडी विकास के तहत जिले में 164 नए बाड़ी का विकास करने के लिए हितग्राहियों का चयन कर लिया गया है।

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