संयुक्त टीम द्वारा कवर्धा एवं बोडला के विभिन्न स्थानों मे भिक्षावृत्ति रोकथाम भ्रमण कर जागरुक किया

संयुक्त टीम द्वारा कवर्धा एवं बोडला के विभिन्न स्थानों मे भिक्षावृत्ति रोकथाम भ्रमण कर जागरुक किया
कवर्धा डी एन योगी
कवर्धा , कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा के निर्देशानुसार जिले में भिक्षावृत्ति के प्रभावी रोकथाम एवं घुमन्तु बच्चों को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस विभाग एवं चाईल्ड लाईन 1098 के संयुक्त टीम द्वारा कवर्धा एवं बोडला के विभिन्न स्थानों मे भिक्षावृत्ति रोकथाम भ्रमण कर जागरुक किया गया। भ्रमण के दौरान दो बालिका भिक्षावृत्ति करते पाये गये। जिसे टीम द्वारा बाल कल्याण समिति मे प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा बालिकाओ को संरक्षण हेतु बालिकागृह भेजा गया।
भिक्षावृत्ति के संबंध मे जानकारी देते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियो द्वारा बताया गया कि 0 से 18 वर्ष तक के किसी भी बालक या बालिका के द्वारा भीख मांगना या मंगवाया जाना बाल भिक्षावृत्ति है। बाल भिक्षावृत्ति एक अपराध है, इससे बालको के मानसिक-शारीरिक व शिक्षा का स्तर निम्न हो जाता है, जिससे उनके अधिकारों का हनन होता है। बच्चो से भिक्षावृत्ति कराने वाले के विरुद्ध किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 76 (1) के तहत् पांच साल का कारावास या एक लाख रूपये तक अर्थदण्ड या दोनो से दण्डित करने का प्रावधान है। भिक्षावृत्ति करते हुए बच्चो को शिक्षा एवं समाज के मुख्य धारा में जोड़ने जागरूक किया जा रहा है। भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे दिखाई देने या पाये जाने पर जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग या चाईल्ड हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1098 में तत्काल सूचना देने अपील किया गया। इस अभियान मे जिला बाल संरक्षण इकाई से श्री सत्यनारायण राठौर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, कु. क्रांति साहू, श्री अविनाश सिंह ठाकुर परामर्श



