राजनांदगाव

राज्य के निजी विद्यालयों के छात्रों को नही मिला पुस्तक, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय बोले- पुस्तक वितरण में भेदभाव कर रही राज्य सरकार

राज्य के निजी विद्यालयों के छात्रों को नही मिला पुस्तक, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय बोले- पुस्तक वितरण में भेदभाव कर रही राज्य सरकार,

डी एन योगी कबीर क्रांति

*राजनांदगांव-* प्रदेश में शासकीय विद्यालय के छात्रों को एक महीने पहले पुस्तक का वितरण किया जा चुका है। जबकि एक महीना बाद भी निजी विद्यालय के छात्रों को पुस्तक नहीं दिया गया है। इसको लेकर राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधा है।
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निजी विद्यालय के छात्रों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। शासकीय विद्यालय के छात्रों को एक महीने पहले पुस्तक का वितरण किया जा चुका है। जबकि एक महीना बाद भी निजी विद्यालय के छात्रों को पुस्तक नहीं दिया गया है। यह निजी विद्यालय के छात्रों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार है। सभी छात्र प्रदेश के ही हैं। इससे निजी विद्यालय के पालको एवं छात्रों में शासन छत्तीसगढ़ शासन के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निजी विद्यालयों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन छात्रों के पास पुस्तक ना होने के कारण वह ऑनलाइन कैसे पढ़ेगें। इस विकट स्थिति में छात्रों को परेशानी हो रही है। कई छात्र निजी विद्यालयों में पुस्तक नहीं मिलने के कारण इधर-उधर भटक रहे हैं। विगत कई वर्षों से शासन के द्वारा सभी छात्रों को पुस्तक वितरण किया जाता रहा है। प्रदेश में करीब दस हजार निजी विद्यालय है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भेदभाव पूर्ण रवैया ठीक नहीं है। इससे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जो अनुचित है। एक तरफ छग सरकार पढ़ई तुंहर दुआर व पढ़ई तुंहर पारा योजना संचालन की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ छात्रों को पढ़ने के लिए पुस्तक तक नही देती है। उन्होंने कहा कि ज्ञान की गंगा बहने दो। भेदभाव गंदगी न करो। राज्य सरकार छात्रों को शीघ्र पुस्तक का वितरण करे।

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