कवर्धा

रिफर की सफर, से मिला निजात, अब जिला अस्पताल में ही सुविधा उपलब्ध उम्रदराज व्यक्ति के कुल्हे का आरेशन, पुरी तरह स्वस्थ अब तक 167 हड्डी के मरीजों का सफल आपरेशन

रिफर की सफर, से मिला निजात, अब जिला अस्पताल में ही सुविधा उपलब्ध

उम्रदराज व्यक्ति के कुल्हे का आरेशन, पुरी तरह स्वस्थ

अब तक 167 हड्डी के मरीजों का सफल आपरेशन

कवर्धा, । जिला अस्पताल अपने अनेक उपलब्धि के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुए है। स्वास्थ्य के प्रति कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे के रूचि और प्रयास तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुजॉय मुखर्जी के मार्गदर्शन से स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों में प्रदेश में सर्वोच्च स्तर बनाए हुए है। सिविल सर्जन डॉ. महेश सूर्यवंशी निःश्चेतना विशेषज्ञ कार्यालयीन कार्यों के अलावा इमरजेसी में निश्चेतना देकर मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिला रहें है। जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकाश कुमार और डॉ प्रांजल जैन पदस्थ हैं। दोनो चिकित्सक के द्वारा जनवरी 23 से अब तक 167 हडडी के मरीजां का सफल आपरेशन किया गया है। डॉ. आदेश बागडे निश्चेतना विशेषज्ञ, अस्पताल के प्रबंधन में आरएमओ डॉ पुरूषोत्तम राजपूत और अस्पताल सलाहकार निलेश गुप्ता का विशेष सहयोग मिल रहा है। आर्थोपेडिक आपरेशन में पुनीत साहू, वीर साहू, प्रमोद गुप्ता, ज्ञानु मानिकपुरी, जगदीश, मुकेश पटेल, अजय और प्रीति, ओटी स्टॉफ के सहयोग से हडडी के मरीजो का सफल आपरेशन किया जा रहा है।
डीपीएम सृष्टि शर्मा ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ऑर्थोपेडिक के अंतर्गत कई रोग जैसे आर्थराइटिस, रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर, लिगामेंट और टेंडन से जुड़ी समस्याओं, हड्डी में इंफेक्शन, हड्डी में चोट या फ्रैक्चर, मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, आर्थराइटिस, कार्पल ट्यूनल सिण्ड्रोम, शरीर के अंगों में असमानता, जन्मजात विकृति और कई अन्य प्रकार की समस्याओं का जिला चिकित्सालय में इलाज किया रहा है। डॉ विकाश कुमार हड्डी रोग (एम.एस आर्थो नागपुर से) दो वर्ष से अधिक का अनुभव के आने के बाद जिला चिकित्सालय में अनेक हड्डी रोगियों का सफलता पूर्वक आपरेशन किया गया है। प्राइवेट अस्पताल में भारी भरकम फीस, महंगी इलाज से लोगों को राहत मिल रही है। डॉ. विकास ने बताया कि एक 60 वर्ष के बुजूर्ग व्यक्ति कुमारी सारथी कुकदूर के कुल्हे की हड्डी (गोला) टुट गया था, जिसका सफलतापूर्वक आपरेशन कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिया गया। अब वो पहले जैसे दैनिक क्रियाकलाप करने में सक्षम है। अन्य एक मरीज कुमकुम बनवाले 12 वर्ष कवर्धा जिनके हाथ की हड्डी टुट गया था, जो नहीं जुड पा रहा था। उक्त मरीज के कुल्हे की एक हड्डी निकालकर उनके हाथ में प्रतिस्थापित किया गया, जिसके उपरांत उनके हडडी को जोडा गया अब वह स्वस्थ है। जन्मजात विकृति (सीटीईव्ही) जिसमें एक सप्ताह की बच्ची मिस हंसिका खैरा का मुडा हुआ पैर को सिरियल कास्टिंग कर माइनर आपरेशन कर पैर का विकृति को दूर किया गया। इसी तरह लगातार आपरेशन कर हडडी संबंधित समस्याओ का निदान किया जा रहा है।

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