बालोद मुख्यालय के इन स्थानों में होता है पैसे का ऐसा अवैध लेन देन, कोई मालामाल तो कोई हुआ कंगाल,

बालोद मुख्यालय के इन स्थानों में होता है पैसे का ऐसा अवैध लेन देन, कोई मालामाल तो कोई हुआ कंगाल,
अनीश राजपूत,कबीर क्रांति
बालोद-जिला मुख्यालय इन दिनों सटोरियों का अड्डा बन चुका है। मुख्यालय के विभिन्न स्थानों में सट्टा का कारोबार बड़ी तेज गति से फल फूल रहा है। लेकिन पुलिस की कार्यवाही कहीं नजर नहीं आ रही है। महीने में एकात दिन किसी एक खाईवाल को पकड़कर पुलिस महज खानापूर्ति कर रही है। खुले आम सट्टे का कारोबार चल रहा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस को इस बात की पूरी जानकारी है बावजूद इसके कार्यवाही न होना समझ से परे है। बता दें कि मुख्यालय के पुराना बस स्टैण्ड, जवाहर पारा, वार्ड नंबर 8 गणेश मंदिर के पास सिन्धी मोहल्ला, संजय नगर, व एक निजी संस्था सहित विभिन्न स्थानों में सट्टा लिखने का कार्य किया जाता है। दर्जनभर से अधिक स्थानों में सट्टे की खाईवाली करने के बावजूद कार्यवाही दिखाने कभी छोटी मोटी कार्यवाही पुलिस कर देती है। कई ऐसे खाईवाल भी बालोद मुख्यालय में अपना यह अवैध कारोबार जमाये हुए हैं जिनके उपर पुलिस की कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है।
जिस जगह चलेगा सट्टा वहां का टीआई होगा सस्पेंट – गृहमंत्री
बीते दिनों जिले के गुरूर थाने का लोकार्पण करने पहुंचे छत्तीसगढ़ के गृह व जेल मंत्री यानि राज्य के पुलिस विभाग के मंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि अब सट्टा जुआ का खेल नहीं चलेगा और जिस जगह सटटे का कारोबार चल रहा है और उनके संज्ञान में यह बात आती है तो तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को सस्पेंट किया जायेगा। लेकिन गृहमंत्री के बातों को भी नजरंदाज कर पुलिस इन अवैध कारोबारियों पर मेहरबानी बनाये हुए हैं।
बच्चे भी इस कारोबार की गिरफ्त में
धीरे धीरे अब इस कारोबार की गिरफ्त में बच्चे भी पड़ते जा रहे हैं। दरअसल इस सट्टे के कारोबार में एक व्यक्ति जो सट्टे की खाईवाली करता है वह बाकी व्यक्तियों के द्वारा चयनित नंबर को लिखता है और उसके एवज में पैसा लेता है जिसका निर्णय सप्ताह के एक दिन यानि रविवार को छोड़कर प्रतिदिन पहला अंक शाम चार बजे और दूसरा अंक शाम 6 बजे आता है। अगर कोई दाव लगाने वाला व्यक्ति उस अंक को खाईवाली करने वाले व्यक्ति के पास दर्ज कराकर पहले से रखता है तो खाईवाली करने वाला व्यक्ति दाव जीतने वाले व्यक्ति को पैसा देता है। इसी तरह कोई मालामाल होता है तो कोई कंगाल।
हाईटेक माध्यम से चल रहा कारोबार
समय के साथ साथ विज्ञान के माध्यम से काफी कुछ विकास हो गया है। पहले जो खाईवाल सट्टा लिखने के लिए पेन और कागज का सहारा लेते थे अब वही खाईवाल मोबाईल के जरिये सट्टा अंक लिखने का काम करते हैं। दाव लगाने वाला व्यक्ति खाईवाल के पास संदेश या फिर फोन कर दाव लगाने वाले अंकों की जानकारी पहुंचा देता है जिसके बाद वह अपने मोबाईल में दाव अंक को दर्ज कर लेता है। सूत्रों की माने तो अगर खाईवाल का मोबाईल खंगाला जाये तो कई ऐसे पुलिस कर्मचारियों के मोबाईल नंबर भी संदेश व कॉल सूची में मिलेंगे जो सट्टे का दाव लगाने के लिए खाईवाल के पास संपर्क करते हैं।
“आपके माध्यम से जानकारी मिली है, जल्द ही कार्यवाही की जायेगी।”
जितेन्द्र सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक जिला बालोद,





