*खैरागढ़ के फर्जी डॉक्टर के इलाज से मरीज परेशान* https://kabirkranti-in.stackstaging.comwp-content/uploads/2020/05/VID-20200531-WA0015.mp4 कबीर क्रांति राजनांदगांव / खैरागढ़ । राजनांदगांव जिला मुख्यालय से खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम सहसपुर दल्ली में आज से लगभग तीन साल पूर्व एक दवाखाना संचालित था , जिसके द्वारा बोर्ड में बवासीर , भंगदर, नासूर ,चर्म रोग स्पेशलिस्ट लिखकर लोगों का इलाज किया जाता था । तीन साल पूर्व उक्त डाॅक्टर के दवाखाना में होम्योपैथी दवाई , बीपी मशीन ,स्टेथो स्कोप एवं छज्जा में होम्योपैथी दवाई की बड़ी मात्रा रखा हुआ पाया गया था , लेकिन दवाखाना में डाॅक्टर की प्रमाण पत्र की जगह किसी दूसरे व्यक्ति के नाम का आयुर्वेद एवं मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड भोपाल से जारी प्रमाण पत्र लगा था । उक्त फर्जी डॉक्टर के खिलाफ समाचार पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घुमका के दवाखाना को सील किया गया था । जब फर्जी डॉक्टर दवाखाना बंद कर दुम दबाकर भाग गया था ,अभी फिर इस क्षेत्र के भोले भाले ग्रामीण फर्जी डॉक्टर के चंगुल में फंसकर पैसे, समय , स्वास्थ सब कुछ बर्बाद कर रहे हैं , ऐसा ही मामला सामने आया है भैंसातरा के ग्रामीण को बवासीर के इलाज के नाम मोटी रकम उगाही कर दो माह हो गया है , मरीज दर्द एवं मवाद से परेशान है , लम्बा समय के बाद घांव नहीं भर रहा है , तो ग्रामीण को फर्जी डॉक्टर के डिग्री में संदेह होने लगा है , रिपोर्ट लिखाने की तैयारी में है । फर्जी डॉक्टर के द्वारा ग्रामीण मरीज को अपना कार्ड दिया है , जिसमें नाम पता ठिकाना , डिग्री , पंजीयन क्रमांक , एवं मोबाइल नंबर भी दिया गया है । ग्रामीण मरीज दो माह से परेशान है , धीरे धीरे ठीक हो ऐसा गुमराह कर रहा है । ग्रामीण मिडिया टीम को जानकारी दी है । *आपको बता दें कि खैरागढ़ में वर्तमान में उक्त झोला छाप डॉक्टर का निवास है जो बेखोफ अपनी दुकान दारी चला रहा है।* Spread the love Post navigation होम आइसलेशन में रखे गए ग्रामीण द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है नवपदस्थ कलेक्टर ने नई परिकल्पनाओं के साथ कवर्धा शहर का भ्रमण किया