कबीरधाम जिले में शीत लहर के चलते कलेक्टर के निर्देश पर सभी स्कूलों में 4 जनवरी तक अवकाश घोषित शीत लहर, ठंड से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां : शीतलहर के दौरान आवश्यक उपाय

कबीरधाम जिले में शीत लहर के चलते कलेक्टर के निर्देश पर सभी स्कूलों में 4 जनवरी तक अवकाश घोषित
शीत लहर, ठंड से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां : शीतलहर के दौरान आवश्यक उपाय
कवर्धा, कबीरधाम जिले में शीत लहर, कड़ाके की ठंड और बारिश होने के कारण छात्र-छात्राओं को ठंड से बचाव के लिए कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण के निर्देश पर जिले के समस्त विद्यालय जिसमें शासकीय, अशासकीय,अनुदान प्राप्त और मदरसा विद्यालयों को बंद करते हुए 4 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा इन दिनों में संचालित कक्षा नौवीं एवं दसवीं की परीक्षाएं यथावत संपन्न होंगी।
ं कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विज्ञान केन्द्र के द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वनमण्डलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नगर पालिका अधिकारी कवर्धा, सभी नगर पंचायत – पंडरिया, बोड़ला, सहसपुर लोहरा, पांडातराई और पिपरिया के सी.एम.ओ., अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, उपसंचालक कृषि, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर सेना के जिला सेनानी को निर्देशानुसार जानकारी उपलब्ध कराने कहा है।
जिला कार्यालय से जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश में सामान्यतः दिसम्बर से जनवरी माह के बीच ठंड की व्यापकता और तीक्ष्णता कभी-कभी शीतलहर का रूप ले लेती है। इस वर्ष दिसम्बर माह के प्रारंभ से ही कड़ी ठंड पड़ रही है। कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने ठंड के दौरान लोगों से आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है। नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में बसे निःसहाय, आवासहीन, गरीब, वृद्ध एवं स्कूल जाने वाले विद्यार्थी इत्यादि के ठंड से प्रभावित होने की संभावना है। राज्य सरकार द्वारा शीतलहर से बचने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
शीतलहर की परिस्थितयां – वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में सामान्य तापमान 10 डिग्री सेन्टीग्रेट से कम पाया जा रहा है, ऐसी स्थिति में शीतलहर उत्पन्न होती है। राज्य में किसी जिले को शीतलहर एवं पाला से प्रभावित मानने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा निर्धारित तापमान आंकड़ों के आधार पर प्रभावित माना जाएगा। राज्य में शीतलहर एवं पाला की स्थिति में निःसहाय एवं आवासहीन जनसमुदाय को शीतलहर एवं पाला से बचाव के लिए रैन बसेरा, अस्थायी शरण स्थलों में ठहराने हेतु समुचित व्यवस्था की जा रही है।
कंबल व्यवस्था – रात्रि रैन बसेरा, अस्थायी शरण स्थलों में पर्याप्त संख्या में कंबल रखने के निर्देश दिए गए हैं। कंबल को किसी व्यक्ति विशेष को आबंटित न करते हुए अन्य हितग्राहियों को भी उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया है। अलाव की व्यवस्था – जिले में शीतलहर की स्थिति में शीत प्रकोप से बचाने हेतु आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अलाव की व्यवस्था करते समय ये विशेष ध्यान रखने कहा गया है कि अलाव ऐसे स्थान पर जलाया जाये, जिससे आगजनी की घटना न हो।
आवश्यक चिकित्सा सुविधायें- शीत प्रकोप से बचाव हेतु आवश्यक दवाओं का भंडारण एवं चिकित्सा सेवायें हेतु समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में चिकित्सा दल गठित कर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने हेतु निर्देशित किया गया है। रबी फसल- शीत प्रकोप से रबी फसलों के बचाव हेतु कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक समुचित व्यवस्था करने कहा गया है।
स्कूलों का समय परिवर्तन – तापमान सामान्य से कम होने की स्थिति में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तथा संस्थाओं के समय में परिवर्तन किया जाना है।
मृतकों की सूचना – शीतलहर के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने एवं अस्थायी रैनबसेरा में रखे गये व्यक्तियों की जानकारी निर्धारित प्रपत्रों में प्रतिदिन पूर्वान्ह 11 बजे तक राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को दूरभाष क्रमांक 0771-2510823 एवं ईमेल आईडी- सीजीरिलिफ एडदरे जीमेल डॉट कॉम पर उपलब्ध करावें। सहायता-मृत एवं पीड़ित परिवारों एवं प्रभावित कृषकों को राजस्व पुस्तक 6-4 में निहित प्रावधान अनुसार आर्थिक अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी।
शीतलहर के दौरान आवश्यक उपाय- शीतलहर से बचने के लिए जितना संभव हो घर के भीतर रहकर आवश्यक उपाय करने की समझाईश दी गई है। घर से बाहर निकलने पर गर्म कपड़ो का उपयोग करे। मौसम से संबंधित समाचार व आपातकाल के संबंध में जारी समाचारों को ध्यान से सुनने तथा उसके अनुसार आवश्यक उपाय करने कहा गया है। वृद्ध व्यक्तियों का ध्यान रखें तथा उन्हें अकेला न छोड़े। आपातकाल में भी पॉवर सप्लाई जारी रहने वाले आवासों का उपयोग करने कहा गया है। पॉवर कट होने पर फ्रीज में रखे गये समानों का उपयोग 48 घंटे के बाद नहीं करने की समझाईश दी गई है। शीत लहर से बचाव हेतु टोपी और मफलर का भी उपयोग करें। यदि केरोसिन व कोल के हीटर का उपयोग करते है तो गैस व धुएं के निकलने के लिए रोशनदान की व्यवस्था होनी चाहिए। स्वास्थ्यवर्द्धक खाने का उपयोग करें। गर्म पेय सेवन करें। यदि सर्दी से संबंधित कोई प्रभाव शरीर पर दिखाई दे जैसे- नाक-कान लाल हो, पैर हाथ की उंगलियॉं आदि हो तो तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें। असामान्य तापमान की स्थिति, अत्यधिक कांपना, सुस्ती, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी स्थिति में तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें। कलेक्टर ने लोगों से शीतलहर के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।



