कवर्धा, कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण द्वारा जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालय में पदस्थ शासकीय सेवकों जो सेवा निवृत्त होने वाले है, ऐसे शासकीय सेवकों की सूची जिला कोषालय में उपलबध कराने के निर्देश दिए गए है। जिला कोषालय अधिकारी श्री देवेन्द्र चोबे ने बताया कि संभागीय संयुक्त कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय के निर्देशानुसार जिले के सभी शासकीय कार्यालयों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियां को निर्धारित प्रारूप में पत्रचार कर सेवा निवृत्ति होने वाले शासकीय सेवकों को पेंशन एव ग्रेज्युटी का त्वरित भूगतान संबंधित आवश्यक तैयारियां करने के लिए कर्मचारियों की सूची उपलबध कराने के लिए कहा गया है।
जिला कोषालय अधिकारी ने श्री चौबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेशन नियम, 1976 के नियम 57, 58 के अनुसार अधिवार्षिकी आयु पर सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय कर्मचारियों के प्रकरणों में सेवानिवृत्ति की तिथि से 24 माह पूर्व उनके पेंशन प्रकरणों पर तैयारी प्रारंभ करने और सेवानिवृत्ति तिथि के 12 माह पूर्व वेतन निर्धारण की जांच, सेवा सत्यापन पूर्ण कराकर, न मांग न जांच न घटना प्रमाण पत्र, वित्त निर्देश 28/2018 के अनुसार नियुक्तिकर्ता अधिकारी से प्राप्त कर सेवानिवृत्ति तिथि से 3 माह पूर्व पेंशन प्रकरण ऑनलाईन और ऑफलाईन संभागीय संयुक्त संचालक को भेजे जाने के निर्देश हैं। पेंशन नियम 74 के अनुसार, सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेशन देय होने की तिथि से 15 दिन पूर्व पेंशन एवं ग्रेच्युटी आदेश जारी किया जा सकता है। यह तभी संभव है जब कार्यालय प्रमुख पेंशन प्रकरणों की तैयारी निर्धारित समय सीमा में करें।
श्री चौबे ने बताया कि जिला कबीरधाम के 11 ऐसे कार्यालय हैं, जहां अप्रैल 2019 तक सेवानिवृत्त हो चुके 16 प्रकरण अभी तक संभागीय पेंशन कार्यालय को नहीं भेजा गया है। इसी प्रकार आगामी 4 माह में अगस्त 2019 तक सेवानिवृत्त होने वाले 25 कार्यालय के 43 प्रकरणों पर पेंशन प्रकरण भेजने हेतु वेतन निर्धारण, सेवा सत्यापन, न गांग न जांच न घटना प्रमाण पत्र से संबंधित पूर्व तैयारी के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होने यह भी बताया कि इस संबंध में जिला कलेक्टर द्वारा समय सीमा की बैठक में दिये गये निर्देशानुसार संलग्न सूची में उल्लेखित कर्मचारियों से सबंधित पेंशन प्रकरण की जानकारी संलग्न प्रपत्र में जिला कोषालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। समय सीमा की बैठक में प्रति सप्ताह लंबित पेंशन प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी।




