कवर्धादुर्ग

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र खड़ा कोरोना के कहर में

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र खड़ा कोरोना के कहर में

संकट की घड़ी में जागरूकता की आवश्यकता
बालाघाट जिले के वनांचल से लगे छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती ग्रामों में भी कोरोना संक्रमण 14 लोगो की पुष्टि

हैदराबाद से आये 59 मजदूरों को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला के विकास खण्ड बोड़ला के ग्राम पंचायत रेंगाखार जंगल के हॉस्टलों में कोरण्टाइन किया गया था

कवर्धा बोड़ला न्यूज :- प्रकृतिक व खनिज संपदा के साथ आदिवासी संस्कृति के लिए प्रशिद्ध जाने वाला वनांचल क्षेत्र आज खतरे में है,इसकी सुरक्षा हम सभी ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत लोगो के हांथो में है। विश्व में भूचाल मचाने वाले वायरस कोरोना कोविट 19 “छत्तीसगढ़ से लगे बैहर की सीमा को लांघ तबाही मचा सकता है,जरा सी असावधानी आस पास के ग्राम पंचायतों को क्षत विक्षत कर सकती है। दुगनी जागरूकता और सतर्कता के से हम सीमावर्ती क्षेत्र में प्रवेश करने से वालो को रोक सकते हैं। बतातें चलें कि कबीरधाम छत्तीसगढ़ का इलाका बैहर से लगा हुआ है,इसके अंतिम ग्राम में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है,”तीतरी”और “चमारी” रेंगाखार जंगल” “समनापुर जंगल”, “बरबसपुर”बिटली”जैसे सीमावर्ती ग्रामों में इसकी दस्तक कबीरधाम जिला के लिए खतरे के संकेत हैं,हमें अभी से सम्भल जाना चाहिए ताकि हम सब सुरक्षित अपने घर परिवार रह सके।
आइये विस्तार से मामले पर प्रकाश डालें,लॉक डाउन में फंसे मजदूर “हैदराबाद”और “नागपुर” से रेंगाखार व समनापुर पहुंचे थे जिन्हें कोरण्टाईन में रखा गया था,लक्षण के आधार पर सेम्पल एकत्र कर जांच के लिए भेजा गया था ,रिपोर्ट आने पर 6 मजदूरों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 दिन कोरण्टाईन में रखने के बाद कल ही इन्हें घर भेजा गया था और उसी दौरान यह भूचाल मचाने वाली कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आ गई। बिरसा के बिठली मानेगांव से सटे छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती ग्राम चमारी के तीन लोगों व सुतिया,चोरबहरा,तीतरी(रेंगाखार) के 3 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट में लेट लतीफी पर भी प्रश्न उठ रहा है साथ ही आशंका व्यक्त की जा रही है कि जिन्हें रेंगाखार और समनापुर में कोरण्टाईन किया गया था वो बिरसा क्षेत्र होते हुए ही छत्तीसगढ़ की सीमा में दाखिल हुए होंगे,यह भी विवेचना का विषय है कि यदि ये लोग बालाघाट से होते हुए गए हैं तो किन किन लोगों के सम्पर्क में आये थे,क्या इनके साथ बिरसा बैहर क्षेत्र के मजदूर भी सफर में थे या सम्पर्क में थे? बहरहाल जो भी हो इतना कहा जा सकता है कि बैहर बालाघाट क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ में मुहाने पर कोरोना मुह फाड़े भूचाल मचाने खड़ा हो गया है जिसे रोकने के लिए सजगता सावधानी और जागरूकता जैसे हथियारों का इस्तेमाल दुगनी ताकत से करना होगा।कोरोना कोविट 19 से निपटने से
परीक्षा की घड़ी है,*प्रशासनिक अमले को भी अब दुगनी सक्रियता दिखानी होगी सभी क्षत्रो को हाई अलर्ट घोषित करने की सख्त जरूरत है

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