कवर्धा

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी.एन. योगी की रिपोर्ट** हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जोराताल में अव्यवस्थाओं के बीच ₹500 मासिक शुल्क का आदेश, रहवासियों में आक्रोश** ₹300 जलकर और ₹200 साफ-सफाई/भू-संधारण शुल्क पर उठे सवाल — “पहले सुविधाएं दें, फिर शुल्क वसूलें”**

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी.एन. योगी की रिपोर्ट**

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जोराताल में अव्यवस्थाओं के बीच ₹500 मासिक शुल्क का आदेश, रहवासियों में आक्रोश**

₹300 जलकर और ₹200 साफ-सफाई/भू-संधारण शुल्क पर उठे सवाल — “पहले सुविधाएं दें, फिर शुल्क वसूलें”**

कवर्धा। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जोराताल में प्रतिमाह ₹500 शुल्क वसूली के आदेश को लेकर रहवासियों में नाराजगी है। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, इसके बावजूद ₹300 जलकर और ₹200 साफ-सफाई/भू-संधारण शुल्क लिया जाना समझ से परे है।

 ₹200 सफाई शुल्क, फिर भी नालियां और गंदगी का अंबार

कॉलोनीवासियों का आरोप है कि साफ-सफाई के नाम पर प्रतिमाह ₹200 लिए जाने के बावजूद सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर नालियां बजबजा रही हैं तथा झाड़-फूस, गाजर घास और खरपतवार जमा हैं। नियमित सफाई नहीं होने से रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 स्ट्रीट लाइट और सड़क व्यवस्था भी सवालों के घेरे में

रहवासियों के अनुसार कॉलोनी में कई स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिससे रात के समय आवागमन में परेशानी होती है। सड़कों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी रहवासियों ने चिंता जताई है।

 गार्डन, दुकान और स्कूल का वादा वर्षों बाद भी अधूरा

कॉलोनीवासियों का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा गार्डन, दुकान और स्कूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी ये सुविधाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं। रहवासियों का सवाल है कि सुविधाएं अधूरी हैं तो नए शुल्क किस आधार पर लगाए जा रहे हैं?

 LIG मकानों में ₹500 मासिक शुल्क पर सवाल

जोराताल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में LIG श्रेणी के मकान निम्न एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। रहवासियों का कहना है कि लगातार बढ़ते शुल्क का आर्थिक भार इन्हीं परिवारों पर पड़ रहा है।

? 2014 से सितंबर 2025 तक नहीं लिया गया भू-संधारण शुल्क, अब क्यों?

रहवासियों के अनुसार वर्ष 2014 से सितंबर 2025 तक भू-संधारण शुल्क नहीं लिया जाता था। अब अचानक ₹200 प्रतिमाह शुल्क लगाए जाने के आधार, नियम और औचित्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने हाउसिंग बोर्ड से शुल्क निर्धारण की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

 ₹180 की जगह ₹300 जलकर पर भी सवाल

रहवासियों ने जलकर को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि नगर पालिका परिषद कवर्धा में जलकर ₹180 होने की जानकारी है, जबकि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में ₹300 जलकर लिया जा रहा है। उन्होंने इस अंतर का आधार स्पष्ट करने की मांग की है।

 30 वर्षों की राशि एकमुश्त जमा, फिर ₹200 भू-संधारण शुल्क क्यों?

कॉलोनीवासियों का कहना है कि भवन आवंटन एवं प्री-होल्ड के समय 30 वर्षों के लिए निर्धारित राशि एकमुश्त जमा कराई जा चुकी है। ऐसे में अब भू-संधारण के नाम पर अतिरिक्त ₹200 प्रतिमाह किस नियम के तहत लिया जा रहा है, इसका स्पष्ट जवाब हाउसिंग बोर्ड प्रबंधन को देना चाहिए।

 रहवासियों की मांग — पहले सुविधा, फिर शुल्क वसूली

कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि ₹500 मासिक शुल्क के आदेश पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। साथ ही—

 नियमित साफ-सफाई कराई जाए।

 नालियों की सफाई सुनिश्चित हो।

 खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए।

 पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।

 सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।

गार्डन, दुकान एवं स्कूल की लंबित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

 ₹300 जलकर और ₹200 भू-संधारण/सफाई शुल्क का नियम एवं आधार स्पष्ट किया जाए।

रहवासियों का कहना है कि जब कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, तो उनके नाम पर शुल्क वसूली किस आधार पर की जा रही है? उन्होंने शासन एवं हाउसिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की समीक्षा कर उचित राहत देने और कॉलोनी की सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

संपादक — डी.एन. योगी 

“जनता की आवाज़, जनता के सवाल — सबसे पहले।”

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