समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी को तत्काल गिरफ्तार किया जाय,,?** , गंगा दास मानिकपुरी को कौन बचा रहा है,,? ** धान खरीदी में ₹81.19 लाख का महाघोटाला!** एक ही प्रबंधक के 3 केंद्रों में करोड़ों का खेल, 2441.92 क्विंटल धान और 21,982 बारदाने गायब!** कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान खरीदी केंद्रों में सरकारी धान खरीदी व्यवस्था का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि 2441.92 क्विंटल धान और 21,982 खाली बारदाने गायब हैं, जिससे शासन को ₹81,19,502 की सीधी आर्थिक क्षति हुई है। जांच में सामने आया कि समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी ने कम्प्यूटर ऑपरेटरों और फड़ प्रभारियों के साथ मिलकर ऐसा खेल रचा कि तौल पत्रकों में केवल किसानों के हस्ताक्षर कराए गए, जबकि खरीदी प्रभारी, फड़ प्रभारी और तौलकों के हस्ताक्षर ही नहीं कराए गए। ** तीनों केंद्रों का हिसाब: ** बासिनझोरी – 585.98 क्विंटल धान गायब ** बिरनपुर कला – 1032.36 क्विंटल धान गायब ** सहसपुर लोहारा – 823.58 क्विंटल धान गायब प्रबंधक सहित 6 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच शुरू। बड़ा सवाल… ? क्या सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा? ? क्या किसानों के नाम पर हुए इस करोड़ों के घोटाले के असली मास्टरमाइंड भी कानून के शिकंजे में आएंगे? ** कबीर क्रांति की मांग: ** पूरे घोटाले की उच्चस्तरीय जांच हो। **दोषियों से सरकारी धन की वसूली हो। ** किसानों के साथ विश्वासघात करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। कबीर क्रांति – सच की आवाज़, जनता के साथ। देखते रहिए… डी.एन. योगी की विशेष रिपोर्ट।

समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी को तत्काल गिरफ्तार किया जाय,,?**
, गंगा दास मानिकपुरी को कौन बचा रहा है,,? **
धान खरीदी में ₹81.19 लाख का महाघोटाला!**
एक ही प्रबंधक के 3 केंद्रों में करोड़ों का खेल, 2441.92 क्विंटल धान और 21,982 बारदाने गायब!**
कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान खरीदी केंद्रों में सरकारी धान खरीदी व्यवस्था का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।**
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि 2441.92 क्विंटल धान और 21,982 खाली बारदाने गायब हैं, जिससे शासन को ₹81,19,502 की सीधी आर्थिक क्षति हुई है।
जांच में सामने आया कि समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी ने कम्प्यूटर ऑपरेटरों और फड़ प्रभारियों के साथ मिलकर ऐसा खेल रचा कि तौल पत्रकों में केवल किसानों के हस्ताक्षर कराए गए, जबकि खरीदी प्रभारी, फड़ प्रभारी और तौलकों के हस्ताक्षर ही नहीं कराए गए।
** तीनों केंद्रों का हिसाब: ** बासिनझोरी – 585.98 क्विंटल धान गायब
** बिरनपुर कला – 1032.36 क्विंटल धान गायब
** सहसपुर लोहारा – 823.58 क्विंटल धान गायब
प्रबंधक सहित 6 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच शुरू।
बड़ा सवाल…
? क्या सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा?
? क्या किसानों के नाम पर हुए इस करोड़ों के घोटाले के असली मास्टरमाइंड भी कानून के शिकंजे में आएंगे?
** कबीर क्रांति की मांग:
** पूरे घोटाले की उच्चस्तरीय जांच हो।
**दोषियों से सरकारी धन की वसूली हो।
** किसानों के साथ विश्वासघात करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
कबीर क्रांति – सच की आवाज़, जनता के साथ। देखते रहिए… डी.एन. योगी की विशेष रिपोर्ट।




