कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिए डी.एन. योगी की विशेष खोजी रिपोर्ट 19.25 लाख की पुलिया या भ्रष्टाचार का पुल? बोदा-03 के ग्राम सिली में जिला खनिज न्यास योजना से बनी पुलिया अब सवालों के घेरे में! सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। सबसे बड़ा सवाल — मानसून में पुलिया निर्माण कैसे? रिकॉर्ड के अनुसार कार्य 10 अगस्त 2025 को शुरू हुआ और 26 सितंबर 2025 को पूरा हो गया। यह वही समय है जब कबीरधाम में नाले-नदियां उफान पर रहती हैं। ?क्या भारी बारिश के बीच गुणवत्तापूर्ण निर्माण संभव था?या फिर कागजों में पुलिया बनाकर भुगतान निकाल लिया गया? चौंकाने वाले खुलासे ** कई बिलों में दिनांक ही नहीं दर्ज** कई बिलों में GST नंबर गायब** लाखों रुपए के भुगतान के बावजूद दस्तावेज अधूरे** इकरारनामा लगभग कोरा, कई कॉलम खाली** फिर भी अधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद लाखों का खेल? बिलों में 1.80 लाख से लेकर 2.38 लाख रुपए तक की राशि दर्ज है। लगातार बड़े भुगतान हुए, लेकिन मूलभूत दस्तावेजी जानकारी का अभाव गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा कर रहा है। सामग्री पर भी सवाल ** 2000 से अधिक सीमेंट बोरी** 18 ट्रक व 1 ट्रैक्टर गिट्टी** 10 ट्रक व 9 ट्रैक्टर रेत इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री की वास्तविक आपूर्ति हुई या नहीं? ?क्या रॉयल्टी पर्ची है??क्या परिवहन अनुमति है?क्या विक्रेता के पास वैध लाइसेंस है? मिलीभगत का संदेह जिस तरह अधूरे दस्तावेज, बिना दिनांक के बिल, बिना GST विवरण और बरसात के मौसम में निर्माण पूर्ण दिखाया गया है, उससे सरपंच, सचिव, दुकानदार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता की मांग: इस पूरे मामले की जिला स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए। माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, स्टॉक रजिस्टर, भुगतान रिकॉर्ड, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, रॉयल्टी पर्ची और परिवहन दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच हो। सवाल सिर्फ एक पुलिया का नहीं है… कबीरधाम की जनता पूछ रही है — विकास जमीन पर हो रहा है या सिर्फ कागजों में? ,,RTIखुलासा पुलियाघोटाला DMFयोजना ,,कबीरधाम बोड़ला भ्रष्टाचार_बेनकाब जनता पूछरहीहै ,,कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिए डी.एन. योगी की विशेष खोजी रिपोर्ट
19.25 लाख की पुलिया या भ्रष्टाचार का पुल?
बोदा-03 के ग्राम सिली में जिला खनिज न्यास योजना से बनी पुलिया अब सवालों के घेरे में!
सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
सबसे बड़ा सवाल — मानसून में पुलिया निर्माण कैसे?
रिकॉर्ड के अनुसार कार्य 10 अगस्त 2025 को शुरू हुआ और 26 सितंबर 2025 को पूरा हो गया। यह वही समय है जब कबीरधाम में नाले-नदियां उफान पर रहती हैं।
?क्या भारी बारिश के बीच गुणवत्तापूर्ण निर्माण संभव था?या फिर कागजों में पुलिया बनाकर भुगतान निकाल लिया गया?
चौंकाने वाले खुलासे
** कई बिलों में दिनांक ही नहीं दर्ज** कई बिलों में GST नंबर गायब** लाखों रुपए के भुगतान के बावजूद दस्तावेज अधूरे** इकरारनामा लगभग कोरा, कई कॉलम खाली** फिर भी अधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद
लाखों का खेल?
बिलों में 1.80 लाख से लेकर 2.38 लाख रुपए तक की राशि दर्ज है। लगातार बड़े भुगतान हुए, लेकिन मूलभूत दस्तावेजी जानकारी का अभाव गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा कर रहा है।
सामग्री पर भी सवाल
** 2000 से अधिक सीमेंट बोरी** 18 ट्रक व 1 ट्रैक्टर गिट्टी** 10 ट्रक व 9 ट्रैक्टर रेत
इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री की वास्तविक आपूर्ति हुई या नहीं?
?क्या रॉयल्टी पर्ची है??क्या परिवहन अनुमति है?क्या विक्रेता के पास वैध लाइसेंस है?
मिलीभगत का संदेह
जिस तरह अधूरे दस्तावेज, बिना दिनांक के बिल, बिना GST विवरण और बरसात के मौसम में निर्माण पूर्ण दिखाया गया है, उससे सरपंच, सचिव, दुकानदार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता की मांग:
इस पूरे मामले की जिला स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए। माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, स्टॉक रजिस्टर, भुगतान रिकॉर्ड, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, रॉयल्टी पर्ची और परिवहन दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच हो।
सवाल सिर्फ एक पुलिया का नहीं है…
कबीरधाम की जनता पूछ रही है — विकास जमीन पर हो रहा है या सिर्फ कागजों में?
- ,,RTIखुलासा पुलियाघोटाला DMFयोजना ,,कबीरधाम बोड़ला भ्रष्टाचार_बेनकाब जनता पूछरहीहै ,,कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़



