सहसपुर लोहारा ब्रेकिंग न्यूज़ *** घोटाला उजागर हुआ… जांच बैठी… 3 दिन में रिपोर्ट का आदेश हुआ… फिर सब शांत क्यों?** क्या प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों के हक पर डाका डाला गया?** क्या जांच समिति सिर्फ खानापूर्ति के लिए बनाई गई थी?** क्या जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने के लिए पूरी जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया?** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

सहसपुर लोहारा** ब्रेकिंग न्यूज़
घोटाला उजागर हुआ… जांच बैठी… 3 दिन में रिपोर्ट का आदेश हुआ… फिर सब शांत क्यों?**
क्या प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों के हक पर डाका डाला गया?**
क्या जांच समिति सिर्फ खानापूर्ति के लिए बनाई गई थी?**
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने के लिए पूरी जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया?**
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा-,,,जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत भेंडरा के आश्रित ग्राम बोटेसुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कथित अनियमितताओं का मामला अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है। अब सवाल सीधे प्रशासन की कार्यशैली, जवाबदेही और नीयत पर खड़े हो रहे हैं।**
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार कई हितग्राहियों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि जारी कर दी गई, लेकिन जमीन पर मकान दिखाई नहीं दे रहे हैं। आरोप यह भी है कि कुछ मामलों में वास्तविक निर्माण कार्य के बजाय दूसरे मकानों की तस्वीरें और जियो टैगिंग का सहारा लेकर रिकॉर्ड में प्रगति दर्शाई गई।**
मामला मीडिया में आने के बाद जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में हलचल मची। मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 08 जून 2026 को जांच समिति गठित कर तीन दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया गया।**
जांच समिति में उप अभियंता, सहायक विकास विस्तार अधिकारी एवं तकनीकी सहायक को शामिल किया गया और स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ग्रामीणों की उपस्थिति में स्थल निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।**
लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है…
? तीन दिन में आने वाली रिपोर्ट आज तक कहां है?
? जांच समिति ने आखिर क्या पाया?
? यदि शिकायत झूठी थी तो रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
? यदि शिकायत सही थी तो दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
? क्या जांच सिर्फ मीडिया और जनता का दबाव कम करने के लिए बैठाई गई थी?
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा मामला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता। यदि वास्तव में किसी दूसरे मकान की जियो टैगिंग कर प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति दिखाई गई है, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही अथवा मिलीभगत का विषय हो सकता है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी और स्वीकृति के इतनी बड़ी गड़बड़ी संभव कैसे है?
प्रभारी सीईओ शिवकुमार साहू द्वारा जारी आदेश दिखावा मात्र है हकीकत यह है कि उनके ही आदेश में जनमन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना का जिओ टेक के अन्य मकान का किया जाना माना जाए क्योंकि बिना कोई ऊपर बैठे अधिकारी के आदेश के बगैर ईतना बड़ा काम नहीं कर सकता यह साबित करता है कि इस जनपद में न जाने और कितने प्रधानमंत्री आवास का फर्जी जिओ टेक दूसरे मकान को दिखाकर उच्च अधिकारी के आदेश पर किया गया होगा पूरे जनपद पंचायत सहपुर लोहार आवास का जांच होनी चाहिए
यदि एक पंचायत में ऐसा हुआ है तो क्या पूरे जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में प्रधानमंत्री आवास एवं जनमन योजना के कार्यों की व्यापक जांच नहीं होनी चाहिए?
सबसे गंभीर तथ्य यह है कि जिन हितग्राहियों के नाम पर आवास स्वीकृत और राशि जारी होने की बात कही जा रही है, उनमें से कई आज भी अपने पुराने कच्चे मकानों में रहने को मजबूर बताए जा रहे हैं। हालिया सर्वेक्षणों में भी उन्हीं पुराने मकानों का विवरण दर्ज किया गया है।
आखिर सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में इतना बड़ा अंतर क्यों?
यह मामला इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
प्रदेश भर में पंचायतों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन यदि उप मुख्यमंत्री के क्षेत्र में ही जांच रिपोर्ट समय पर सार्वजनिक नहीं होती और कार्रवाई नहीं होती, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
कबीरधाम की जनता अब जवाब चाहती है…
गरीबों के नाम पर निकली राशि का हिसाब चाहती है…
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रही है…
और दोषियों पर कठोर कार्रवाई चाहती है…
यदि प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़ा हुआ है तो यह केवल सरकारी धन की हानि नहीं, बल्कि उन गरीब परिवारों के सपनों और अधिकारों पर सीधा प्रहार है जो आज भी कच्चे मकानों में जीवन गुजार रहे हैं।
अब निगाहें केवल प्रशासन पर नहीं, बल्कि उसकी नीयत पर टिकी हैं।
जनता पूछ रही है—
आखिर जांच रिपोर्ट कब आएगी?
दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?
और गरीबों को न्याय कब मिलेगा?
डी एन योगी कबीर क्रांति न्यूज़
“सच लिखना हमारा धर्म, जनता की आवाज उठाना हमारा कर्म”
नोट: इस पोस्ट में जिन अनियमितताओं का उल्लेख है, वे आरोपों और उपलब्ध शिकायतों/दस्तावेजों पर आधारित हैं। अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के अधीन हैं।




