6 माह से लंबित भुगतान को लेकर श्रमिक कल्याण संघ ने सौंपा ज्ञापन कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट पंडरिया शक्कर कारखाना श्रमिक कल्याण संघ ने श्रमिकों और किसानों के लंबित भुगतान को लेकर प्रबंध संचालक को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल भुगतान की मांग की है। संघ का आरोप है कि जनवरी और फरवरी माह का भुगतान पिछले 6 महीनों से अटका हुआ है, जिससे मजदूरों और उनके परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन देने वाले पदाधिकारी: ▪️ रमाशंकर विश्वकर्मा ** अजय बंजारे ** रमेश साहू ** मेलन मानिकपुरी ** धनेश्वर चंद्रवंशी “कारखाना सुधार” के दावे पर सवाल संघ ने प्रबंध संचालक कौशिक जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला था, तब आउटसोर्सिंग बंद करने, फर्जी भुगतान रोकने और समय पर मजदूर-किसानों को भुगतान देने की बात कही थी। लेकिन आज भी बाहरी ठेका कंपनियों का संचालन जारी है और मजदूरों के साथ-साथ किसानों का भुगतान भी लंबित है। किसान भी परेशान पेराई सत्र 2025-26 का गन्ना भुगतान अब तक लंबित होने से किसानों में भारी नाराजगी है। खरीफ सीजन की तैयारी, खाद-बीज खरीद, बैंक ऋण और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो आगामी पेराई सत्र में गन्ना देने से पीछे हट सकते हैं, जिससे कारखाने को भारी नुकसान होगा। “कारखाना की सुरक्षा करने वाले स्वयं असुरक्षित” कारखाने के सुरक्षा गार्डों ने भी समय पर वेतन नहीं मिलने और आवश्यक सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि जो कर्मचारी दिन-रात कारखाने की सुरक्षा में लगे हैं, आज वही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। श्रमिक कल्याण संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

6 माह से लंबित भुगतान को लेकर श्रमिक कल्याण संघ ने सौंपा ज्ञापन
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
पंडरिया शक्कर कारखाना श्रमिक कल्याण संघ ने श्रमिकों और किसानों के लंबित भुगतान को लेकर प्रबंध संचालक को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल भुगतान की मांग की है। संघ का आरोप है कि जनवरी और फरवरी माह का भुगतान पिछले 6 महीनों से अटका हुआ है, जिससे मजदूरों और उनके परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन देने वाले पदाधिकारी: ▪️ रमाशंकर विश्वकर्मा
** अजय बंजारे
** रमेश साहू
** मेलन मानिकपुरी
** धनेश्वर चंद्रवंशी
“कारखाना सुधार” के दावे पर सवाल
संघ ने प्रबंध संचालक कौशिक जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला था, तब आउटसोर्सिंग बंद करने, फर्जी भुगतान रोकने और समय पर मजदूर-किसानों को भुगतान देने की बात कही थी। लेकिन आज भी बाहरी ठेका कंपनियों का संचालन जारी है और मजदूरों के साथ-साथ किसानों का भुगतान भी लंबित है।
किसान भी परेशान
पेराई सत्र 2025-26 का गन्ना भुगतान अब तक लंबित होने से किसानों में भारी नाराजगी है। खरीफ सीजन की तैयारी, खाद-बीज खरीद, बैंक ऋण और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो आगामी पेराई सत्र में गन्ना देने से पीछे हट सकते हैं, जिससे कारखाने को भारी नुकसान होगा।
“कारखाना की सुरक्षा करने वाले स्वयं असुरक्षित”
कारखाने के सुरक्षा गार्डों ने भी समय पर वेतन नहीं मिलने और आवश्यक सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि जो कर्मचारी दिन-रात कारखाने की सुरक्षा में लगे हैं, आज वही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
श्रमिक कल्याण संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।



