मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का बस्तर में किया आत्मीय स्वागत बस्तर में गरजे योगी और विष्णुदेव साय, विकास और सुरक्षा पर बड़ा मंथन अमित शाह की मौजूदगी में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी बैठक, नक्सल उन्मूलन पर बनी रणनीति बस्तर से निकला विकास का संदेश, छत्तीसगढ़-उत्तरप्रदेश ने मजबूत समन्वय का लिया संकल्प कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट बस्तर की ऐतिहासिक धरती आज देश की राजनीति और विकास का बड़ा केंद्र बनी, जहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत कर मजबूत संघीय सहयोग का संदेश दिया। केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में विकास, सुरक्षा और सुशासन को लेकर बड़े फैसलों पर मंथन हुआ। बैठक में नक्सल उन्मूलन, आंतरिक सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने साफ कहा कि जनता के हित में लिए गए फैसलों को जमीन पर तेजी से लागू किया जाएगा। बस्तर में इस उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन यह साबित करता है कि अब देश के आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें पूरी ताकत से काम कर रही हैं। बस्तर से निकला विकास का बड़ा संदेश नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की नई रफ्तार मध्य भारत के समग्र विकास को मिलेगा नया आयाम सुरक्षा, रोजगार और जनकल्याण पर सरकार का बड़ा फोकस “विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा नया भारत Spread the love Post navigation कबीर क्रांति विशेष देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ में बढ़ती अफसरशाही पर उठे सवाल, जनता के बीच फिर गूंजा डॉ. रमन सिंह का नाम कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये पत्रकार दीपक तिवारी की धमाकेदार रिपोर्ट जिले में GST विभाग की कार्रवाई पर फूटा ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का गुस्सा! अब ट्रक मालिक, ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर खुलकर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जांच के नाम पर कब तक होगा आर्थिक शोषण? सूत्रों के अनुसार हाईवे और चेकिंग पॉइंट पर ट्रकों को घंटों रोककर ई-वे बिल, GST दस्तावेज और माल जांच के नाम पर भारी दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि छोटी-छोटी तकनीकी गलतियों को “बड़ा टैक्स घोटाला” बताकर ट्रक सीज करने और लाखों की पेनाल्टी की धमकी दी जाती है। फिर शुरू होता है “सेटिंग” का खेल! बताया जा रहा है कि मौके पर सक्रिय कुछ कथित बिचौलिये और दलाल मामला रफा-दफा कराने के नाम पर हजारों से लाखों रुपए तक की मांग करते हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि — ई-वे बिल में छोटी गलती गाड़ी नंबर में मामूली अंतर वजन में थोड़ा फर्क दस्तावेज अपडेट न होना जैसी सामान्य तकनीकी त्रुटियों को डर और दबाव का हथियार बनाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि — क्या GST जांच अब भ्रष्टाचार का नया अड्डा बन चुकी है? कई ट्रक चालकों का कहना है कि माल लेट होने से फैक्ट्री, व्यापारी और कंपनी को भारी नुकसान होता है, इसलिए मजबूरी में लोग चुपचाप पैसा देकर निकल जाते हैं। अब व्यापारी और ट्रांसपोर्ट संगठन खुलकर निष्पक्ष जांच, पारदर्शी कार्रवाई और अवैध वसूली पर रोक की मांग कर रहे हैं। जिले में आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह खेल? कौन करेगा ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को न्याय? क्या शासन करेगा सख्त कार्रवाई? जनता जवाब मांग रही है… कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये दीपक तिवारी की धमाकेदार रिपोर्ट