कवर्धा

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट** श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ : तृतीय दिवस भक्ति, विश्वास और दान की महिमा का दिव्य संदेश ग्राम गोछिया, जिला कबीरधाम में** राजा श्री योगेश्वर राज सिंह, समाज सेवा श्री नीटू खुराना, पार्षद श्री भक्कू यादव, एवं बड़ी संख्या में भक्त लोग उपस्थित थे और कथा का  अमृत पान आनंद ले रहे थे।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट**

श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ : तृतीय दिवस
भक्ति, विश्वास और दान की महिमा का दिव्य संदेश
ग्राम गोछिया, जिला कबीरधाम में**

  • राजा श्री योगेश्वर राज सिंह, समाज सेवा श्री नीटू खुराना, पार्षद श्री भक्कू यादव, एवं बड़ी संख्या में भक्त लोग उपस्थित थे और कथा का  अमृत पान आनंद ले रहे थे।
    कवर्धा***,र्श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पावन अवसर पर ग्राम गोछिया, जिला कवर्धा में आयोजित दिव्य कथा के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन तेन्दूआ–हिरापुर, रायपुर निवासी कौशिक परिवार द्वारा श्रद्धापूर्वक संपन्न किया जा रहा है।
    तृतीय दिवस की कथा में कथा व्यास पं. झम्मन शास्त्री ने भक्त प्रहलाद चरित्र, ध्रुव चरित्र एवं राजा बलि की प्रेरणादायक कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
    विपत्ति ही भक्ति की पहचान
    पं. शास्त्री जी ने कहा—
    “श्रद्धालुओं की भक्ति का वास्तविक मूल्यांकन विपत्तियों में ही होता है। विपत्तियाँ केवल परीक्षा नहीं, बल्कि अवसर भी होती हैं।”
    उन्होंने भक्त प्रहलाद के जीवन प्रसंग के माध्यम से बताया कि कैसे पिता द्वारा किए गए भीषण अत्याचारों को सहते हुए भी प्रहलाद ने भगवान पर अटूट विश्वास बनाए रखा और अंततः स्वयं भगवान ने प्रकट होकर अधर्म का नाश किया।
    धन की शुद्धता के लिए दान आवश्यक
    राजा बलि की कथा के माध्यम से शास्त्री जी ने दान की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा—
    “दान से धन की शुद्धता होती है। आज लोग किसी भी साधन से धन अर्जित कर रहे हैं, यह सोचे बिना कि उसका प्रभाव समाज और स्वयं पर क्या पड़ेगा। इसलिए अर्जित धन का कुछ अंश जनकल्याण में अवश्य लगाना चाहिए।”
    भागवत कथा : अमृत समान
    उन्होंने बताया कि—
    18 पुराणों में वेद मंत्रों की व्याख्या भगवान वेदव्यास ने की
    सत्य, धर्म और न्याय की स्थापना के लिए समाज को संघर्षशील बनना होगा
    भागवत कथा अमृत तुल्य है, जो समाज के विष को समाप्त करने की क्षमता रखती है
    वर्तमान समय में बढ़ रहे द्वंद्व, संघर्ष, कलह, द्वेष और कटुता को समाज के लिए विष बताते हुए उन्होंने कहा कि—
    “सात्विक विचार और सात्विक भावना से भागवत कथा श्रवण एवं संकीर्तन ही समाज को कुरीतियों से मुक्त कर सकता है।”
    कार्यक्रम के समापन पर महाआरती संपन्न हुई तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
    कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
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